Public Opinion: ‘मिडिल क्लास के लिए कुछ नहीं, बुजुर्गों के बारे में भी नहीं सोचा’, जानें बजट पर भोपाल की राय

Public Opinion: ‘मिडिल क्लास के लिए कुछ नहीं, बुजुर्गों के बारे में भी नहीं सोचा’, जानें बजट पर भोपाल की राय


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Budget 2026: यूनियन बजट आने के बाद पूरे देश में इस पर चर्चा चल रही है. वहीं, भोपाल में काफी लोग आम बजट से सहमत दिखे, लेकिन कुछ नाखुश भी हैं. ऐसे में मध्य प्रदेश की राजधानी से बजट पर क्या प्रतिक्रियाएं आईं इस रिपोर्ट में देखिए…

Bhopal News: देश की वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार 9वीं बार यूनियन बजट पेश किया. बजट जारी होने के बाद ही अलग-अलग वर्गों से रिएक्शन आने लगे हैं. इसी बीच भोपाल की जनता ने इस साल के यूनियन बजट को मिडिल क्लास के हिसाब से खाली बताया, लेकिन कई मामलों में लोग वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण की तारीफ भी करते दिखे. अब भोपाल की पब्लिक को ये नया बजट कितना भाया? देखिए खास रिपोर्ट…

मिडिल क्लास के लिए खाली रहा बजट
भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ रहे नेता गोविंद गोयल ने वोटिंग पूरी होने के बाद यूनियन बजट पर पहला रिएक्शन देते हुए कहा, सरकार से अपेक्षा रहती है कि वो मध्यम वर्गीय लोगों को बजट में कुछ राहत देगी. लेकिन, इस बजट में इनकम टैक्स में कोई छूट नहीं दी गई. लेकिन, ये अच्छी बात है कि सरकार ने इस बार 3 नए आयुर्वेदिक एम्स खोलने की घोषणा की है. इसके साथ ही 7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा भी अच्छी है, लेकिन इस बजट से और भी अपेक्षा थी.

मैं बजट को 10 में से 9 नंबर दूंगा…
भोपाल के व्यापारी दीपक दुबे ने बजट को लेकर कहा, इस बजट को गरीबों और किसानों के हितों को देखते हुए बनाया गया है. आयुर्वेदिक एम्स और हाई स्पीड रेल की घोषणा इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करेगी. साथ ही इनकम टैक्स में सरकार ने पिछले बजट में पहले ही राहत दे दी थी. उन्होंने इस बजट को 10 में से 9 नंबर दिए. कहा, कुछ रिफॉर्म जरूर छूट गए हैं, लेकिन मुझे उम्मीद है कि सरकार आगे जनता की मांगें पूरी करेगी.

बुजुर्गों के लिए सरकार का कोई विजन नहीं
मानस भवन में बजट को लेकर बात करते हुए महेश मालवीय ने कहा, इस साल के बजट में कई अच्छाइयां हैं, लेकिन बुराई भी है. जब हम लाडली बहनों को ढाई से तीन हजार देते हैं तो इसी बीच सीनियर सिटीजन मारे-मारे फिर रहे हैं. बुजुर्गों के भले के लिए सरकार के पास कोई विजन नहीं है.

रील बनाने की सीख देगी सरकार, ये नई पहल
कमलेश गुलवानी बजट को लेकर कहते हैं, पिछले साल सरकार ने राहत दी थी. इस बार बजट में 15 हजार स्कूलों और कॉलेजों में कंटेंट क्रिएशन लैब को लेकर वो कहते हैं ये नई पहल है. क्योंकि, रील तो आज हर कोई बना रहा है, इसलिए ये अच्छी पहल है. लेकिन देखना होगा की इसपर काम कैसे होता है.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें

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‘मिडिल क्लास के लिए कुछ नहीं, बुजुर्गों की भी अनदेखी’, बजट पर बोला भोपाल



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