अनोखा श्मशान घाट जिसे मिला ‘तीर्थ’ का दर्जा, तंत्र क्रियाओं के लिए भी प्रसिद्ध

अनोखा श्मशान घाट जिसे मिला ‘तीर्थ’ का दर्जा, तंत्र क्रियाओं के लिए भी प्रसिद्ध


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Ujjain News: उज्जैन का चक्रतीर्थ श्मशान घाट सिर्फ अंतिम संस्कार का स्थान नहीं है बल्कि यह एक रहस्यमय और शक्तिशाली आध्यात्मिक केंद्र भी माना जाता है. इसे तीर्थ का दर्जा प्राप्त है. वहीं यह घाट तंत्र साधना और सिद्धि के लिए भी प्रसिद्ध है.

उज्जैन. विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल की पावन नगरी उज्जैन सदियों से आस्था, अध्यात्म और मोक्ष की भूमि मानी जाती रही है. इसे केवल मंदिरों की नगरी नहीं बल्कि जीवंत तीर्थस्थल कहा जाता है, जहां कण-कण में दिव्यता बसती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्राचीन अवंतिका (उज्जैन) स्वयं देवभूमि है, जहां हर स्थान किसी न किसी देवी-देवता से जुड़ा हुआ है और यहां विराजमान महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग को साक्षात शिव का रूप माना जाता है. यही कारण है कि उज्जैन की यात्रा को तीर्थयात्रा के समान पवित्र समझा जाता है लेकिन इस नगरी की एक और अनोखी विशेषता है. यहां स्थित चक्रतीर्थ श्मशान घाट, जिसे विशेष धार्मिक मान्यता के कारण तीर्थ का दर्जा प्राप्त है. मोक्षदायिनी शिप्रा नदी के तट पर स्थित यह घाट आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. मान्यता है कि यहां अंतिम संस्कार होने पर आत्मा को मोक्ष की प्राप्ति होती है और वह सीधे दिव्य लोक की ओर प्रस्थान करती है.

उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिष आचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, इस स्थान से जुड़ी एक अत्यंत रोचक और पौराणिक कथा प्रचलित है. मान्यता है कि जब महाभारत का भीषण युद्ध समाप्त हुआ और उसमें वीर योद्धा कर्ण सहित अनेक योद्धा वीरगति को प्राप्त हुए, तब स्वयं भगवान ने आदेश दिया कि उनका अंतिम संस्कार ऐसी भूमि पर किया जाए, जो पूर्णतः पवित्र और निष्पाप हो. कहा जाता है कि पृथ्वी पर लंबे समय तक ऐसी जगह नहीं मिल पाई, जहां कभी कोई पाप न हुआ हो. अंततः देवदूतों को अवंतिका नगरी में ऐसा दिव्य वातावरण दिखाई दिया, जहां कर्ण का अंतिम संस्कार संभव माना गया. फिर भी भगवान विष्णु, जो उस समय श्रीकृष्ण के रूप में अवतरित थे, उन्होंने अपने दिव्य सुदर्शन चक्र को भेजा और उसी पर कर्ण के पार्थिव शरीर को रखकर विधिवत दाह संस्कार कराया. इसी पौराणिक घटना के कारण इस श्मशान घाट को विशेष धार्मिक मान्यता मिली और आज यह स्थान चक्रतीर्थ श्मशान घाट के नाम से विख्यात है, जिसे तीर्थ का दर्जा प्राप्त है.

तंत्र क्रियाओं के लिए भी प्रसिद्ध
उज्जैन का चक्रतीर्थ श्मशान घाट केवल अंतिम संस्कार का स्थान नहीं बल्कि एक रहस्यमय और शक्तिशाली आध्यात्मिक केंद्र भी माना जाता है. इसे तीर्थ का दर्जा मिला है. वहीं यह तंत्र साधना और सिद्धि के लिए भी प्रसिद्ध है. मान्यता है कि यहां की ऊर्जा साधकों को असाधारण शक्ति प्रदान करती है. विशेष रूप से दीवाली की अमावस्या पर देश-विदेश से तांत्रिक और साधक यहां पहुंचते हैं ताकि वे अपनी साधनाओं को जागृत कर सकें और विशेष सिद्धियां प्राप्त कर सकें. इस कारण चक्रतीर्थ श्मशान घाट आस्था, रहस्य और अध्यात्म का अद्भुत संगम बन चुका है.

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Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.



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