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Khandwa News: ग्राम पंचायत की सरपंच मनीषा वर्मा ने लोकल 18 से कहा कि टैक्स से आने वाली राशि का इस्तेमाल गांव के विकास कार्यों, साफ-सफाई, मूलभूत सुविधाओं को मुहैया कराने के साथ-साथ तीर्थ दर्शन यात्रा पर भी किया जा रहा है. पंचायत ने इसे ‘सरपंच तीर्थ दर्शन यात्रा’ नाम दिया है.
खंडवा. आमतौर पर ग्राम पंचायतों की पहचान सड़क, नाली, पानी और सफाई तक ही सीमित मानी जाती है लेकिन मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में एक ऐसी ग्राम पंचायत भी है, जिसने पंचायत की परिभाषा ही बदल दी है. यहां टैक्स सिर्फ विकास का जरिया नहीं बल्कि आस्था और सम्मान का माध्यम भी बन गया है. दरअसल खंडवा जनपद की ग्राम पंचायत कालमुखी आज पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है. यह पंचायत न तो किसी विशेष सरकारी योजना पर निर्भर है और न ही किसी फंड का इंतजार करती है. यहां ग्रामीण शत-प्रतिशत टैक्स भरते हैं और उसी टैक्स की रकम से पंचायत गांव के बुजुर्गों को मुफ्त में तीर्थ दर्शन यात्रा करवा रही है. यही वजह है कि कालमुखी पंचायत को अब लोग ‘तीर्थयात्रा कराने वाली पंचायत’ के नाम से पहचानने लगे हैं.
करीब 5000 की आबादी वाली इस ग्राम पंचायत में जल कर, संपत्ति कर, स्वच्छता कर और अन्य पंचायत कर हर ग्रामीण पूरी ईमानदारी से भरता है. इससे पंचायत को हर साल करीब 25 लाख रुपये की टैक्स वसूली होती है.
टैक्स की रकम से तीर्थयात्रा
ग्राम पंचायत की सरपंच मनीषा वर्मा लोकल 18 को बताती हैं कि टैक्स से आने वाली राशि का उपयोग गांव के विकास कार्यों, साफ-सफाई, मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ तीर्थ दर्शन यात्रा पर भी किया जा रहा है. पंचायत ने इस पहल को ‘सरपंच तीर्थ दर्शन यात्रा’ नाम दिया है. पंचायत की ओर से यह दूसरी तीर्थ यात्रा कराई गई है. इस बार पंचायत के 11 बुजुर्गों का दल खाटू श्याम के दर्शन के लिए रवाना किया गया.
इससे पहले पंचायत द्वारा उज्जैन महाकाल लोक और ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग की तीर्थयात्रा भी कराई जा चुकी है. तीर्थयात्रा पर जा रहे ग्रामीणों का कहना है कि हमने कभी सोचा भी नहीं था कि हमारी पंचायत हमें मुफ्त में तीर्थ दर्शन कराएगी. यात्रा में शामिल बुजुर्ग ग्रामीणों ने पंचायत के इस फैसले की जमकर सराहना की.
सरपंच मनीषा वर्मा के पति गोविंद वर्मा लोकल 18 को बताते हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तीर्थ दर्शन योजना शुरू की थी. उसी से हमें प्रेरणा मिली कि क्यों न हम पंचायत स्तर पर अपने बुजुर्गों को यह सुविधा दें. उनका कहना है कि पंचायत का लक्ष्य है कि गांव के हर बुजुर्ग को जीवन में कम से कम एक बार तीर्थ दर्शन जरूर कराए जाएं. पूरे प्रदेश के लिए मिसाल कालमुखी पंचायत ने यह साबित कर दिया है कि अगर जनता ईमानदारी से टैक्स भरे और पंचायत सही सोच के साथ फैसले ले, तो ग्राम पंचायत भी समाज और संस्कार दोनों का विकास कर सकती है. आज यह पंचायत न सिर्फ खंडवा बल्कि पूरे मध्य प्रदेश के लिए एक प्रेरणा बन चुकी है.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.