प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार ने सोमवार को हरदा के पॉलीटेक्निक और स्वामी विवेकानंद आर्ट्स कॉमर्स कॉलेज का निरीक्षण किया। पॉलीटेक्निक कॉलेज में गंदगी और अव्यवस्था देख मंत्री भड़क गए। वहीं, आर्ट्स कॉलेज में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा की गर्दन टेढ़ी देख उन्होंने तंज कसा- ‘विवेकानंद जी ने भारत का मान बढ़ाया था, उन्हें सर्वाइकल नहीं था।’ निरीक्षण के दौरान पॉलीटेक्निक कॉलेज की लेबोरेट्री कई महीनों से बंद मिली। वहां कुर्सियों पर धूल जमी थी और कमरों में जाले लगे थे। बिजली के तारों की खराब स्थिति देखकर मंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने 6 से ज्यादा कमरों का निरीक्षण किया, लेकिन उन्हें कोई भी कक्ष कॉलेज स्तर का नहीं लगा। उन्होंने प्राचार्य से सुधार योजना बनाने को कहा और हर संभव मदद का भरोसा दिया। इलेक्ट्रिक ब्रांच के छात्र ठीक करें बिजली के तार लाइट फिटिंग खराब होने पर मंत्री ने सुझाव दिया कि इसे इलेक्ट्रिक ब्रांच के छात्रों की मदद से ठीक कराया जाए। सिविल ब्रांच में कम एडमिशन पर उन्होंने ब्रांच हेड को निर्देश दिए कि हरदा के स्कूलों में जाकर 12वीं के छात्रों से संपर्क करें और सीटें भरें। हालांकि, कॉलेज की प्रवेश व्यवस्था और प्लेसमेंट पर उन्होंने संतोष जताया। ‘विवेकानंद जी को सर्वाइकल नहीं था’ शासकीय स्वामी विवेकानंद आर्ट्स कॉमर्स कॉलेज में मंत्री ने प्रतिमा की गर्दन अधिक तिरछी होने पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि विवेकानंद जी ने भारत का मान बढ़ाया था और उन्हें सर्वाइकल नहीं था। उन्होंने लाइब्रेरी का भी निरीक्षण किया और लाइब्रेरियन के काम पर सवाल उठाए। इस पर प्राचार्य ने जगह की कमी का हवाला दिया। 1500 पदों पर जल्द होगी भर्ती मंत्री परमार ने बताया कि कॉलेजों में रिक्त 1500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। अगले एक से डेढ़ साल में सभी पद भर दिए जाएंगे। इससे पहले, उन्होंने केंद्रीय बजट पर कहा कि इसमें किसान, मजदूर, महिला और युवा सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है।
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