श्योपुर नगर पालिका के कर्मचारियों को पिछले तीन महीने से वेतन नहीं मिला है। इसके विरोध में मंगलवार को सफाईकर्मी, संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया और नगर पालिका से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकालकर प्रदर्शन किया। हड़ताल पर गए कर्मचारियों का कहना है कि वेतन न मिलने से उनके सामने खाने-पीने का संकट खड़ा हो गया है। बैंकों की किस्तें और एलआईसी (LIC) के पैसे जमा नहीं हो पा रहे हैं। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सीएमओ से गुहार लगाने पर उन्हें समस्या सुलझाने के बजाय नौकरी से निकालने की धमकी दी जा रही है। हड़ताल की वजह से शहर में कचरा उठना बंद हो गया है, जिससे गंदगी फैलने लगी है। सफाईकर्मियों की बदहाली से नाराज होकर स्वास्थ्य समिति अध्यक्ष भूपेन्द्र गर्ग ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि बार-बार बोलने के बाद भी जब कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला, तो उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ना ही बेहतर समझा। विधायक बाबू जंडेल ने दी एफआईआर की चेतावनी आंदोलन को विधायक बाबू जंडेल और विपक्षी पार्षदों का भी साथ मिला है। विधायक ने नगर पालिका प्रशासन पर विधायक निधि के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाया है। उन्होंने अल्टीमेटम दिया है कि अगर 4 दिन में पूरी राशि का हिसाब नहीं मिला, तो वे अकाउंटेंट पर एफआईआर (FIR) कराएंगे और इस मामले को विधानसभा में भी उठाएंगे। सेवाएं ठप होने का डर कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि उन्हें अब आश्वासन नहीं, बल्कि सीधे खाते में पैसा चाहिए। चेतावनी दी गई है कि अगर जल्द भुगतान नहीं हुआ, तो सफाई के साथ-साथ शहर की पानी सप्लाई और अन्य जरूरी सेवाएं भी पूरी तरह बंद कर दी जाएंगी।
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