सोने और चांदी के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के चलते अब चोरों का रुख मंदिरों की ओर बढ़ता जा रहा है। हाल के दिनों में मंदिरों में हुई चोरी की घटनाओं को देखते हुए उज्जैन पुलिस ने धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर विशेष जागरूकता अभियान शुरू किया है। हाल ही में आशापुरी मंदिर में माता को प्रणाम करने के बहाने करीब 16 लाख रुपए की चोरी की वारदात सामने आई थी, जिसका सीसीटीवी फुटेज भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इससे पहले इंगोरिया क्षेत्र के बोरेश्वर मंदिर में चोरों ने तीन दान पेटियों से लाखों रुपए नकद चुरा लिए थे। इन घटनाओं के बाद मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। उज्जैन देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं का प्रमुख धार्मिक केंद्र है। महाकाल दर्शन के लिए आने वाले भक्त शहर के अन्य मंदिरों में भी दर्शन कर दान करते हैं। ऐसे में मंदिरों में नकदी के साथ-साथ सोने-चांदी के आभूषण बड़ी मात्रा में जमा रहते हैं, जो अपराधियों के लिए आसान निशाना बनते जा रहे हैं। 50 में से 30 मंदिरों में पहुंची पुलिस टीम पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर महाकाल थाना क्षेत्र के करीब 50 मंदिरों में सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अब तक पुलिस टीम 30 मंदिरों में पहुंच चुकी है। अभियान के तीसरे दिन थाना प्रभारी गगन बादल के नेतृत्व में चंद्रभान सहित अन्य पुलिसकर्मी चौबीस खंबा माता मंदिर पहुंचे। टीम ने मंदिर के पुजारियों और स्थानीय नागरिकों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, सीसीटीवी कैमरे, दान पेटियों की सुरक्षा और संदिग्ध गतिविधियों की तत्काल सूचना पुलिस को देने संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी। कई प्रमुख मंदिरों में हुई बैठक पुलिस ने भूखी माता मंदिर, श्री राधा-कृष्ण दुर्गा मंदिर, कांच का जैन मंदिर घी मंडी, साकेत धाम हनुमान मंदिर, स्वर्गद्वार ईश्वर महादेव मंदिर और जैन मंदिर सूरजनगर सहित अन्य मंदिरों में भी बैठकें कर मंदिर प्रबंधन को सतर्क किया। महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल ने बताया कि भविष्य में किसी भी बड़ी चोरी या आपराधिक वारदात को रोकने के लिए सभी धार्मिक स्थलों को अभी से अलर्ट किया जा रहा है। पुलिस प्रशासन की यह पहल मंदिर प्रबंधन और श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम है।
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