टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बॉयकॉट का मुद्दा बांग्लादेश से हटकर पाकिस्तान की तरफ मुड़ चुका है. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने हफ्तेभर पहले ही टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बॉयकॉट कर दिया था. अब कुछ ही दिन बाद बोर्ड को बड़ा झटका लगा है. बीसीबी खुद के बुने जाल में ही फंस गया है. सिक्योरिटी का डंका पीटकर टी20 वर्ल्ड कप 2026 को बॉयकॉट करने वाला बीसीबी सिक्योरिटी के चलते ही रडार में आ चुका है. खबर है कि बांग्लादेश हाई कोर्ट ने बीसीबी को पैगाम भेज दिया है.
हाई कोर्ट ने उठाए सवाल
बांग्लादेश हाई कोर्ट ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड द्वारा महिला खिलाड़ियों की सुरक्षा, खासकर यौन उत्पीड़न से जुड़े मामलों में, जिस तरह से हैंडल किया जा रहा है, उस पर गंभीर सवाल उठाए हैं. सोमवार को, कोर्ट ने एक नियम जारी कर पूछा कि BCB और संबंधित अधिकारियों की महिला क्रिकेटरों के लिए एक सुरक्षित और जेंडर-सेंसिटिव माहौल देने में विफलता को ‘गैर-कानूनी, बिना कानूनी अधिकार के और सार्वजनिक हित के खिलाफ’ क्यों घोषित नहीं किया जाना चाहिए.
बोर्ड को देनी होगी सफाई
बांग्लादेश के मीडिया आउटलेट डेली स्टार की एक रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने BCB को पहले के कोर्ट के दिशानिर्देशों के अनुसार अपनी यौन उत्पीड़न विरोधी नीति का तुरंत पालन करने का भी आदेश दिया. जब तक मामले का फैसला नहीं हो जाता, बोर्ड को एक रिपोर्ट जमा करनी होगी जिसमें बताया जाएगा कि उसने इन उपायों को लागू करने के लिए क्या कदम उठाए हैं. यह आदेश पूर्व नेशनल शूटर सबरीना सुल्ताना द्वारा दायर एक रिट याचिका के बाद आया.
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यौन उत्पीड़न के लगे आरोप
जस्टिस अहमद सोहेल और जस्टिस फातिमा अनवर की हाई कोर्ट बेंच ने याचिका सुनने के बाद यह निर्देश पारित किया. याचिकाकर्ता के वकील, बैरिस्टर नसीरुद्दीन अहमद असीम के अनुसार, बांग्लादेश महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान जहानारा आलम से जुड़े यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए गए थे. शिकायत के बाद, BCB ने तीन सदस्यीय स्वतंत्र जांच समिति का गठन किया, जिसे बाद में पांच सदस्यों तक बढ़ाया गया. हालांकि, अब तक कोई भी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है. रिपोर्ट के अनुसार, BCB ने समिति की फाइंडिंग्स जमा करने में दो बार देरी की.