ग्वालियर में मौसम का मिजाज लगातार बदलता नजर आ रहा है। एक दिन पहले क्षेत्र के कई हिस्सों में हुई ओलावृष्टि के बाद अब शहर घने कोहरे की चपेट में आ गया है। बुधवार सुबह पूरे शहर पर कोहरे की चादर छाई रही, जिससे विजिबिलिटी घटकर करीब 30 मीटर तक रह गई। ठंड और कोहरे के चलते आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बीती रात अधिक ठंडक महसूस की गई, वहीं सुबह से ही कोहरे के कारण लोगों ने घरों से निकलना कम पसंद किया। जो लोग मजबूरी में बाहर निकले, उन्हें वाहनों की लाइट जलाकर चलना पड़ा। सुबह 7 बजे के बाद भी दृश्यता बेहद कम बनी रही। न्यूनतम तापमान में गिरावट की संभावना मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को ग्वालियर का न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस रहा। ओलावृष्टि के बाद वातावरण में नमी बढ़ने से आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट आने की संभावना जताई जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है, वहीं सुबह से चल रही शीतलहर ने ठंडक और बढ़ा दी है। फसलों में फंगस का खतरा ओलावृष्टि और बढ़ती ठंड फसलों के लिए भी नुकसानदायक साबित हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक यदि ठंड और कोहरा इसी तरह बना रहा, तो फसलों में फंगस जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है, जिससे किसानों को नुकसान झेलना पड़ सकता है। ट्रेनें 2 से 3 घंटे देरी से चल रहीं कोहरे का असर यातायात पर भी साफ नजर आया। दिल्ली की ओर से आने वाली अधिकांश ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 2 से 3 घंटे की देरी से ग्वालियर पहुंचीं। घने कोहरे के कारण ट्रेनों की रफ्तार बेहद धीमी रही, जिसका खामियाजा यात्रियों को उठाना पड़ा। स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने बताया कि ट्रेनों की देरी से उनके आगे के काम भी प्रभावित हो रहे हैं। वाहनों की हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा सड़क यातायात भी पूरी तरह से प्रभावित रहा। घने कोहरे के कारण दिन में भी लोगों को वाहनों की हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी ठंड और कोहरे के बने रहने की संभावना जताई है।
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