Last Updated:
Balaghat Naxal Story: बालाघाट जिले के चारघाट गांव में दो महिलाओं ने 16-20 सालों से नक्सल प्रभावित इलाके में बच्चों को पढ़ाया. कठिन रास्ते, कम संसाधन और नक्सलियों के डर के बावजूद आशा खरोले और संध्या मुंजारे ने शिक्षा की ज्योति जलाई. उनके प्रयासों से बच्चों में पढ़ाई की रुचि बढ़ी और कई छात्र ग्रेजुएशन कर चुके हैं. नक्सलियों की निगरानी के बावजूद उन्होंने नौकरी नहीं छोड़ी. यह कहानी शिक्षा के जुनून और हौसले का प्रतीक है.
Balaghat Naxal Story: मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले का चारघाट गांव लंबे समय तक अति नक्सल प्रभावित रहा है. यहाँ न जाने कितने सरकारी कर्मचारी और शिक्षक डर के कारण नौकरी जॉइन करने से कतराते थे. लेकिन आशा खरोले और संध्या मुंजारे जैसी दो शिक्षकों ने बीते 16-20 सालों से यहां शिक्षा की ज्योति जलाई हुई है. उनका जज्बा इतना मजबूत था कि नक्सलियों की गोलियों का डर भी उन्हें नहीं रोक सका है.
कठिन रास्तों और कम संसाधनों के बीच शिक्षा
चारघाट तक पहुंचना आसान नहीं था. सड़कें नहीं थीं और मीलों पैदल चलकर ही शिक्षक गांव पहुँचते थे. आशा खरोले बताती हैं कि नौकरी कहीं भी लगे, बस करना ही है. रास्ते, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, सब मुश्किलें थीं, लेकिन मेरे टीचर बनने के जुनून ने सबको मात दी.” रात में तबीयत खराब होने पर इलाज के लिए सुबह का इंतजार करना पड़ता था, लेकिन उनका मिशन बच्चों को पढ़ाना था.
बच्चों में शिक्षा के प्रति बढ़ती रुचि
शुरुआत में गांव में शिक्षा का स्तर बहुत कम था. कोई बच्चों को स्कूल नहीं भेजता था. आशा मैडम खुद घर-घर जाकर बच्चों को स्कूल ले जाती थीं. धीरे-धीरे बच्चों में पढ़ाई की रुचि बढ़ी. अब उनके पढ़ाए कुछ बच्चे ग्रेजुएशन कर चुके हैं, कुछ डिप्लोमा कर रहे हैं. बच्चों में सीखने की ललक और समझ बढ़ी है.
संध्या मुंजारे का योगदान
संध्या मुंजारे 16 साल से उसी स्कूल में पढ़ा रही हैं. उनका कहना है नक्सली प्रभावित थे तो क्या हुआ, नौकरी करना ही है. पहले और अब के बच्चों में बदलाव साफ दिखाई देता है. उनका जज्बा भी आशा मैडम की तरह प्रेरणादायक है.
नक्सलियों की नजर और उनका हौसला
आशा खरोले बताती हैं कि नक्सलियों का मूवमेंट रहता था. वे स्कूल और पढ़ाई की जानकारी लेने आते थे. लेकिन उन्होंने कभी नौकरी नहीं छोड़ी और न तबादला लिया. उनका मानना है कि शिक्षा की ज्योति जलाने का जुनून डर से बड़ा है.
About the Author
Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें