क्रिकेट में ‘डक’ क्या होता है, गोल्डन डक तो सुना होगा पर क्या होता है…

क्रिकेट में ‘डक’ क्या होता है, गोल्डन डक तो सुना होगा पर क्या होता है…


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Types of duck in cricket match: दुनिया का जब कोई बल्लेबाज किसी क्रिकेट मैच में बिना कोई रन बनाए आउट होता है तो उसे डक कहा जाता है. क्रिकेट की दुनिया में डक के नौ तरीके होते हैं. बल्लेबाज जब पहली ही गेंद पर आउट होता है तो उसे गोल्डन डक कहा जाता है. इस तरह से आउट होना सबसे खराब माना जाता है. क्योंकि बल्लेबाज को पहली ही गेंद पर आउट होकर पवेलियन लौटना पड़ता है. आगामी टी20 वर्ल्ड कप के ठीक पहले, आइए समझते हैं गोल्डन डक और डरावने ‘किंग पेयर’ का गणित, जहां एक छोटी सी चूक बड़े से बड़े धुरंधर बललेबाजों को शून्य के साये में धकेल देती है.

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क्रिकेट के डक कितने तरह के होते हैं.

नई दिल्ली. क्रिकेट को अनिश्चितताओं का खेल कहा जाता है. जहां एक गेंद आपको हीरो और जीरो दोनों बना सकती है. जब कोई बल्लेबाज बिना खाता खोले आउट होता है, तो उसे ‘डक’ पर आउट होना कहा जाता है. यह शब्द सुनने में जितना मासूम लगता है, एक बल्लेबाज के लिए उतना ही दर्दनाक होता है. भारत सहित दुनिया की 20 क्रिकेट टीमें इस समय टी20 वर्ल्ड कप की तैयारी कर रही हैं.खिलाड़ियों के मन में एक ही डर होता है कि कहीं वे ‘शून्य’ के जाल में न फंस जाएं. हाल में भारतीय ओपनर अभिषेक शर्मा न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में डक पर आउट हुए थे. वह पहली ही गेंद पर पवेलियन लौट गए थे.

‘डक’ शब्द का जन्म ‘डक एग’ (Duck’s Egg) से हुआ है. दरअसल, संख्या ‘0’ का आकार बत्तख के अंडे जैसा गोल होता है. 1866 में जब वेल्स के राजकुमार शून्य पर आउट हुए, तब एक अखबार ने लिखा था कि ‘राजकुमार बत्तख के अंडे पर वापस लौट गए.’ तब से, क्रिकेकट की दुनिया में शून्य पर आउट होने को ‘डक’ कहा जाने लगा. आए जानते हैं कि क्रिकेट में कितने तरह के डक होते हैं.

क्रिकेट के डक कितने तरह के होते हैं.

सबसे खराब गोल्डन डक
जब किसी क्रिकेट मैच में बल्लेबाज पहली ही गेंद पर आउट हो जाए, उसे गोल्डन डक कहा जाता है. टी20 क्रिकेट में यह बहुत आम है क्योंकि यहां बल्लेबाज पहली ही गेंद से प्रहार करने की कोशिश करता है. टीम इंडिया के युवा ओपना अभिषेक शर्मा न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में एक मैच में पहली ही गेंद पर पवेलियन लौट गए.

दूसरी गेंद पर आउट होने क्या कहते हैं?
अगर बल्लेबाज पारी की दूसरी ही गेंद पर आउट हो जाए, तो उसे सिल्वर डक कहा जाता है. जब कोई बल्लेबाज अपनी पारी की तीसरी गेंद पर आउट हो और उसका स्कोर 0 हो तो इसे ब्रॉन्ज डक कहा जाता है. इसी तरह अगर कोई बल्लेबाज बिना कोई गेंद खेले आउट हो जाए तो उसे डायमंड डक कहा जाता है. इसे प्लेटिनम डक भी कहा जाता है. अक्सर ऐसा उस बैटर के साथ होता है जो नॉनस्टा्रइकर पर रहते हुए ही रन-आउट हो जाए या टाइम्ड-आउट हो जाए.

प्लेटिनम या रॉयल डक
प्लेटिनम और रॉयल डक में गोल्डन डक से थोड़ा सा ही अंतर है. इनका इस्तेमाल सिर्फ टेस्ट और फर्स्टक्लास क्रिकेट में होता है. अगर पहली पारी में कोई बल्लेबाज पहली गेंद पर आउट हो जाए, तो उसे प्लेटिनम डक कहा जाता है. वहीं दूसरी पारी में ऐसा होने पर इसे रॉयल डक कहा जाता है. अगर कोई बैटर टेस्ट मैच की दोनों पारियों में जीरो पर आउट हो जाए, तो इसे ‘पेयर’ कहते हैं.

किंग पेयर डक है सबसे इंटरेस्टिंग
जब कोई बल्लेबाज टेस्ट की दोनों पारियों में पहली गेंद पर आउट हो जाए तो यह किंग पेयर कहलाता है. जबकि जब कोई बल्लेबाज मैच की आखिरी गेंद पर शून्य के स्कोर पर आउट होता औ उसके बाद उस टीम की पारी समाप्त हो जाती है तो इसे लॉफिंग डक कहा जाता है. इसी तरह से जब कोई बल्लेबाज तीन या इससे ज्यादा गेंद का सामना करने के बाद खाता नहीं खोल पाता है और आउट होकर पवेलियन लौट जाता है तो उसे नॉर्मल डक कहा जाता है.

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Kamlesh Raiचीफ सब एडिटर

करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें

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