छोटा पौधा-बड़े कमाल! शुगर-खांसी, दाद-खाज, खुजली…100 बीमारियों का एक इलाज है ये जड़ी बूटी

छोटा पौधा-बड़े कमाल! शुगर-खांसी, दाद-खाज, खुजली…100 बीमारियों का एक इलाज है ये जड़ी बूटी


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Chakor Health Benefits: मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र में उगने वाली चकोर जड़ी-बूटी स्वास्थ्य और आयुर्वेद में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. यह शुगर, खांसी, गले के संक्रमण और त्वचा रोगों में लाभकारी है. आदिवासी ग्रामीण चकोर के बीज बेचकर अतिरिक्त आमदनी कमाते हैं. आयुर्वेदिक उपचार में इसका प्रयोग सदियों से किया जा रहा है. चकोर पौधा न केवल रोगों में राहत देता है, बल्कि ग्रामीण और आदिवासी समुदाय के लिए आर्थिक मदद भी साबित हो रहा है.

Chakor ke Fayde: मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र में बरसात के मौसम में कई औषधीय पौधे प्राकृतिक रूप से उग आते हैं. इनमें चकोर, जिसे स्थानीय भाषा में चकौड़ा और संस्कृत में चक्रमर्द कहा जाता है, का विशेष महत्व है. सदियों से आयुर्वेद में इसका प्रयोग होता रहा है और यह आज भी कई रोगों में असरदार साबित हो रहा है.

आयुर्वेद में चकोर का महत्व
आयुर्वेद चिकित्साधिकारी डॉ. विपिन सिंह के अनुसार, चकोर का पौधा शुगर, खांसी, गले के संक्रमण और त्वचा रोगों में बहुत लाभकारी है. इसकी पत्तियों का काढ़ा बलगम वाली खांसी में राहत देता है. लगातार जुकाम या खांसी की समस्या होने पर पत्तियों का रस सेवन लाभकारी होता है. गले में सूजन या संक्रमण के समय भी इसका उपयोग किया जा सकता है.

त्वचा रोगों में उपयोग
त्वचा रोगों में चकोर के बीजों और पत्तियों का प्रयोग प्रभावी माना गया है. दाद, खुजली या रैशेज की स्थिति में बीजों को पीसकर दही के साथ प्रभावित हिस्से पर लेप लगाने से आराम मिलता है. मधुमेह यानी शुगर के रोगियों के लिए भी पत्तियों और बीजों के रस का सेवन लाभकारी है. डॉ. सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी आयुर्वेदिक औषधि का उपयोग डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं करना चाहिए.

चकोर से आदिवासी समुदाय को आजीविका
चकोर सिर्फ स्वास्थ्य के लिए ही नहीं, बल्कि आदिवासी क्षेत्रों में आजीविका का साधन भी बन रहा है. आदिवासी लोग सूखे पौधों से बीज इकट्ठा करके बाजार में बेचते हैं. इसकी कीमत लगभग 250-300 रुपये प्रति किलो है, जिससे आदिवासी समाज को अतिरिक्त आमदनी मिलती है.

प्राकृतिक औषधि और आर्थिक फायदा
विंध्य की प्राकृतिक औषधियां न केवल स्वास्थ्य के लिए वरदान हैं, बल्कि ग्रामीण और आदिवासी समुदाय के लिए आर्थिक रूप से भी मददगार साबित हो रही हैं. सही जानकारी और सावधानी के साथ चकोर का उपयोग न केवल बीमारियों में राहत देता है, बल्कि किसानों और ग्रामीणों की आजीविका को भी मजबूत बनाता है.

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Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें

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शुगर-खांसी, दाद-खाज, खुजली…100 बीमारियों का एक इलाज है ये जड़ी बूटी

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



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