जबलपुर की टिकुरी ग्राम पंचायत की सरपंच सीतादेवी चौकसे को निर्माण कार्यों में अनियमितता के आरोप में पद से हटा दिया है। जनपद पंचायत मझौली के सीईओ अभिषेक गेहलोत ने बताया कि सरपंच पर परिवार के सदस्यों के खातों में निर्माण राशि स्थानांतरित करने और परिजनों के माध्यम से सामग्री खरीदने का आरोप था। शिकायत के बाद प्रशासन ने मामले की जांच कराई। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि कुछ निर्माण सामग्री चंदन चौक स्थित एक दुकान से खरीदी गई थी, जिसका संचालन सरपंच के बेटे द्वारा किया जाता है। निर्माण कार्य से संबंधित राशि भी उनके पुत्र के खाते में स्थानांतरित की गई थी। इस मामले में सरपंच को धारा 40 के तहत नोटिस जारी कर सुनवाई की गई। सुनवाई के दौरान सरपंच ने तर्क दिया कि क्षेत्र में अन्य कोई दुकान उपलब्ध न होने के कारण उन्होंने अपने पुत्र से सामग्री खरीदी, जो एक सप्लायर है। हालांकि, नियमों के अनुसार, कोई भी पंचायत प्रतिनिधि अपने पद पर रहते हुए स्वयं या अपने निकट संबंधियों से सामग्री की आपूर्ति नहीं कर सकता और न ही उन्हें आर्थिक लाभ पहुंचा सकता है। सभी तथ्यों, साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर सरपंच के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें पद से हटा दिया गया। प्रशासन ने यह भी बताया कि उक्त सरपंच के विरुद्ध पहले भी इस प्रकार की शिकायतें मिल चुकी हैं। यह वर्तमान कार्रवाई भी पूरी जांच प्रक्रिया के बाद की गई है।
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