IPL से संन्यास के बाद क्या करेंगे धोनी? कमेंट्री या कुछ और… चैंपियन कप्तान ने कर दिया खुलासा

IPL से संन्यास के बाद क्या करेंगे धोनी? कमेंट्री या कुछ और… चैंपियन कप्तान ने कर दिया खुलासा


MS Dhoni IPL Cricket: भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी 44 साल की उम्र में एक बार फिर से क्रिकेट मैदान पर नजर आने वाले हैं. वह आईपीएल 2026 में चेन्नई सुपरकिंग्स का प्रतिनिधित्व करेंगे. इस बात की संभावना है कि वह आने वाले एक या दो सीजन के बाद संन्यास का ऐलान कर देंगे. अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि वह कोचिंग में जाएंगे या कमेंट्री में जाएंगे या क्रिकेट प्रशासन में जाएंगे? इसका जवाब किसी को पता नहीं हैं. जब धोनी ने इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने मजेदार जवाब दिया.

संन्यास के बाद कमेंट्री करेंगे माही?

धोनी ने कमेंट्री बॉक्स में आने की संभावना को लगभग खारिज कर दिया है. उन्होंने रिटायरमेंट के बाद के इस लोकप्रिय रास्ते को एक मुश्किल बैलेंसिंग एक्ट बताया. सीएसके ने पूर्व कप्तान ने यह भी बताया कि वह फोन का इस्तेमाल क्यों नहीं करना पसंद करते हैं. धोनी 2020 में इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायर होने के बाद से खेल पर अपने विचार शेयर करने से काफी हद तक दूर रहे हैं. खेल के साथ उनका जुड़ाव आईपीएल तक ही सीमित रहा है.

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कमेंट्री पर धोनी ने क्या कहा?

स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टर जतिन सप्रू के साथ एक बातचीत के दौरान धोनी ने कहा, ”कमेंट्री बहुत मुश्किल है. मुझे लगता है कि खेल का वर्णन करने और उस प्रक्रिया के लिए ऐसे जोन में जाने के बीच एक बहुत पतली लाइन है, जहां आप खेल रहे खिलाड़ियों की आलोचना करना शुरू कर देते हैं. यह बहुत पतली लाइन है. अक्सर आपको यह भी महसूस नहीं होता कि आप जो कर रहे हैं वह शायद थोड़ा गलत हो सकता है. आप हमेशा दूसरी तरफ रहना चाहेंगे जहां आप खेल का वर्णन कर रहे हों. अगर आपको लगता है कि कुछ गलत है तो आप उसे कह देते हैं.”

क्यों नहीं करना चाहते कमेंट्री?

धोनी ने समझाया कि प्रभावी कमेंट्री के लिए संयम और सहानुभूति की जरूरत होती है. उन्होंने कहा, ”इसे कैसे कहें, यह भी एक कला है. इसे विनम्रता से कैसे पेश करें ताकि किसी को बुरा न लगे. अगर टीम हार रही है, तो उसके पीछे कारण होते हैं और आपको उन कारणों का वर्णन करने की क्षमता होनी चाहिए ताकि किसी को बुरा न लगे. यही कमेंट्री की कला है.”

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धोनी को याद नहीं रहते स्टैट्स

धोनी को लगता है कि संख्याओं के साथ उनकी सीमित जानकारी उन्हें कमेंट्री बॉक्स में नुकसान में रखेगी. उन्होंने कहा, ”मैं स्टैट्स में अच्छा नहीं हूं. बहुत से लोग हैं जो स्टैट्स में बहुत अच्छे हैं. उन्हें स्टैट्स पता हैं. अगर आप मुझसे मेरे स्टैट्स के बारे में पूछेंगे, तो मैं ‘हम्म’ जैसा जवाब दूंगा. कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें न सिर्फ भारतीय टीम या भारतीय खिलाड़ियों के बल्कि पूरे दौर के सभी लोगों के स्टैट्स पता हैं.”

धोनी को बोलने से ज्यादा सुनना पसंद

अपने खेलने के दिनों में शांत स्वभाव से फैसले लेने के लिए जाने जाने वाले धोनी से यह भी पूछा गया कि क्या उन्हें कभी क्रिकेट या जिंदगी के बारे में सलाह की जरूरत पड़ी है. उन्होंने कहा कि उन्होंने शायद ही कभी ऐसा किया हो, मुख्य रूप से इसलिए क्योंकि वह बोलने से ज्यादा सुनना पसंद करते हैं. उन्होंने कहा, ”मैं बहुत अच्छा श्रोता हूं. हां, मैं उन लोगों से बात करता हूं जिनके साथ मैं सहज महसूस करता हूं. लेकिन मैं बोलने से ज्यादा सुनने वाला हूं. अगर मुझे किसी टॉपिक के बारे में नहीं पता होता, तो मैं ज्यादा नहीं बोलता क्योंकि अगर मैं सुनूंगा तो ज्यादा सीखूंगा.”

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धोनी को फोन ज्यादा पसंद नहीं

धोनी ने आगे कहा, ”अगर मुझे किसी चीज के बारे में नहीं पता होता, तो मुझे उसमें हिस्सा लेने का मन नहीं करता. एक अच्छा सुनने वाला होने के नाते आपको हमेशा सलाह ढूंढने की जरूरत नहीं होती. वे बस कुछ लोगों के साथ बातचीत करते समय अपने आप सामने आ जाती हैं. आपको यह समझने की समझ होनी चाहिए कि आपके लिए सबसे अच्छा क्या काम करता है. मैं उस तरह से बात करने में अच्छा नहीं हूं. मुझे सामने बैठकर लोगों से बात करना पसंद है. मैं ऐसा इंसान नहीं हूं जो फोन पर बहुत अच्छा हो क्योंकि मैं चेहरा नहीं देख पाता. इसलिए जब फोन पर बात करने की बात आती है तो मैं बहुत अजीब महसूस करता हूं. यह कुछ ऐसा है जिसे मैं सुधारना चाहता हूं, लेकिन मुझे खुशी है कि मैंने इसमें सुधार नहीं किया है.”



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