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Success Story: बुरहानपुर की मीना वर्मा ने चकरी फेंक में पुणे नेशनल प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतकर बेटियों की ताकत साबित की. LLB की पढ़ाई के साथ रोज प्रैक्टिस कर राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचीं. जानें सक्सेस स्टोरी…
Burhanpur News: कहते हैं न बेटियां बेटों से कम नहीं होतीं, बुरहानपुर की मीना वर्मा ने इस मुहावरे को सच साबित कर दिया है. लालबाग चिंचाला इलाके की 22 साल की लड़की ने डिस्कस थ्रो में राष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल जीतकर न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे शहर का नाम रोशन कर दिया. बचपन से खेल के प्रति दीवानगी रखने वाली मीना ने पढ़ाई के साथ-साथ कड़ी मेहनत की और आज राष्ट्रीय खिलाड़ी बन गईं.
पढ़ाई के साथ रोज प्रैक्टिस
मीना के पिता दुर्गा प्रसाद वर्मा रेलवे के रिटायर्ड इंजीनियर हैं और मां आशा वर्मा गृहिणी. घर की मामूली स्थिति में भी मीना ने कभी हार नहीं मानी. लालबाग मैदान, सार्वजनिक मैदान या नेहरू स्टेडियम, जहां भी जगह मिली, वहां घंटों चकरी फेंक की प्रैक्टिस करती रहीं. लोकल 18 से बातचीत में मीना ने बताया, “बचपन से खेल मेरा सबसे बड़ा शौक था. एलएलबी की पढ़ाई करते हुए भी मैं रोज प्रैक्टिस करती थी. कई राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीते, लेकिन नेशनल में पहली बार मौका मिला और मैंने गोल्ड मेडल जीता.”
महाराष्ट्र के पुणे में मास्टर गेम्स एसोसिएशन की ओर से आयोजित नेशनल प्रतियोगिता में मीना ने सभी प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ दिया. उन्होंने कहा, “काफी कठिनाइयां आईं, लेकिन मैंने संघर्ष नहीं छोड़ा. आज वही मेहनत रंग लाई है.” अब मीना का सपना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करना है. वे कहती हैं, “मैं भारत के लिए खेलना चाहती हूं. साथ ही अपने क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों को मुफ्त प्रशिक्षण दूंगी, ताकि वे भी अपनी छिपी प्रतिभा को बड़े मंच पर दिखा सकें और शहर-देश का नाम रोशन करें.”
मीना की कहानी उन हजारों बेटियों के लिए प्रेरणा है जो सपनों को मेहनत से साकार करना चाहती हैं. साबित हो गया कि सही दिशा में लगन और परिश्रम से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें