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Ishan kishan Friend Reveals Comeback After Losing BCCI Contract: भारतीय टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ वार्म-अप मैच में ओपनिंग कर 20 गेंद में 53 रन बनाए. टीम से बाहर किए जाने के बाद उनके 2 साल कितनी मुश्किल से बीते ये ईशान के बचपन के दोस्त ने बताया.
ईशान किशन के दोस्त ने बताया टीम से बाहर किए जाने के बाद 2 साल कितने मुश्किल रहे.
नई दिल्ली. साउथ अफ्रीका के खिलाफ वार्म-अप मैच में भारत की टॉप ऑर्डर में बड़ा बदलाव देखने को मिला. संजू सैमसन की जगह ईशान किशन ने पारी की शुरुआत की और तूफानी फिफ्टी ठोकी. झारखंड के विकेटकीपर-बल्लेबाज ने 265 की स्ट्राइक रेट से रन बना डाले. ईशान महज 20 बॉल पर 53 रन बनाकर रिटायर आउट हुए. उनकी धमाकेदार पारी और अभिषेक शर्मा के तेज 24 रन की मदद से भारत ने पावरप्ले में 80 रन बना लिए. उनको तीसरे नंबर से ओपनिंग में भेजने का संकेत साफ था कि न्यूजीलैंड टी20 सीरीज में मौका पाने वाले संजू सैमसन की जगह अब आगे ईशान किशन को मौका मिल सकता है.
ईशान किशन का बदला हुआ रूप हाल ही में सुर्खियों में रहा है. उनका बेखौफ अंदाज, क्लीन हिटिंग और विरोधी टीम पर दबाव बनाने की कोशिश ने टीम मैनेजमेंट को काफी प्रभावित किया है. भले ही वह आखिरी वक्त में शुभमन गिल के ऊपर अपनी जगह पक्की करते दिख रहे हों, लेकिन जो लोग उन्हें करीब से जानते हैं, वे अच्छी तरह समझते हैं कि 27 साल के ईशान ने किस तरह दोबारा टीम इंडिया में अपनी जगह बनाई है.
पिछले कुछ साल ईशान किशन के लिए आसान नहीं रहे. टीम से बाहर होना और बीसीसीआई का सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट न मिलना, इन सबने उन्हें खुद पर भरोसा करने के लिए मजबूर किया. उनके बचपन के दोस्त सिद्धांत सिंह और अंशुमत श्रीवास्तव ने उनकी वापसी की पूरी कहानी करीब से देखी है. सिद्धांत ने द इंडियन एक्सप्रेस से कहा, “वो दो साल मुश्किल थे, सिर्फ ईशान के लिए नहीं, बल्कि उनके परिवार के लिए भी. उन्होंने सिर्फ एक ब्रेक मांगा था, एक मेंटल ब्रेक. बेंच पर बैठना आसान नहीं होता और एक वक्त ऐसा आया जब उन्होंने कहा, ‘मुझे इससे ब्रेक चाहिए,’ लेकिन लोगों ने इसे गलत समझा.”
ईशान किशन को टीम से दिसंबर 2023 में बाहर किया गया था. उन्होंने मानसिक थकान के कारण ब्रेक मांगा था. लेकिन इसे अनुशासनहीनता समझा गया, जिससे उनका बीसीसीआई सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट चला गया और वह दो साल से ज्यादा टीम से बाहर रहे. सिद्धांत ने आगे कहा, “उन्हें आसानी से ऐसा खिलाड़ी कह दिया गया जो भारत के लिए खेलना गंभीरता से नहीं लेता. लोग समझ नहीं पाए. वे बातें करते रहे. लेकिन मैंने कभी किसी को इतना मानसिक रूप से मजबूत नहीं देखा.”
ड्रेसिंग रूम से दूर रहने के दौरान ईशान किशन आध्यात्मिक हो गए. एक भारतीय अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने डाइटिशियन रखा, अपनी फिटनेस पर ज्यादा ध्यान दिया और पटना में अंशुमत के साथ ईशान किशन एकेडमी शुरू की. इस एकेडमी ने उन्हें ट्रेनिंग का प्लेटफॉर्म दिया और साथ ही उन्हें एक नया मकसद भी मिला. अपनी वापसी के अलावा अगली पीढ़ी को गाइड और मेंटर करना. इन बदलावों का असर उनकी घरेलू क्रिकेट में भी दिखा. सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 में झारखंड के कप्तान के तौर पर उन्होंने इतिहास रच दिया. वह न सिर्फ सीजन के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बने (517 रन), बल्कि अपनी टीम को पहली बार खिताब भी दिलाया.
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15 साल से ज्यादा वक्त से खेल पत्रकारिता से सक्रिय. Etv भारत, ZEE न्यूज की क्रिकेट वेबसाइट में काम किया. दैनिक जागरण वेबसाइट में स्पोर्ट्स हेड रहा. ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, क्रिकेट और फुटबॉल वर्ल्ड कप कवर किया. अक्टूब…और पढ़ें