दमोह जिले के पटेरा तहसील के कुआंखेड़ा गांव में गुरुवार दोपहर बंसल परिवार के बेटे की रछवाई (बारात की निकासी) धूमधाम से निकाली गई। इस दौरान दूल्हे ने घोड़े पर सवार होकर अपने हाथ में भारत का संविधान भी लिए हुआ था। बंसल समाज के लोगों ने कहा कि 75 साल में पहली बार बंसल (दलित) समाज की रछवाई में कोई दूल्हा घोड़े पर निकली है। इसके लिए उन्होंने पुलिस प्रशासन को भी धन्यवाद दिया है। दरअसल, एक दिन पहले बुधवार को बंसल समाज और एससी महासभा ने एसपी श्रुत कीर्ति सोमवंशी को एक आवेदन दिया था। इसमें उन्होंने आशंका जताई थी कि गुरुवार को घोड़े पर रछवाई निकालने के दौरान गांव के कुछ दबंग विवाद कर सकते हैं, इसलिए उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए। इस आवेदन के बाद एसपी ने हटा थाना पुलिस को शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। बुधवार रात पटेरा तहसीलदार उमेश तिवारी और हटा थाने का पुलिस बल गांव पहुंचा। उन्होंने बंसल परिवार के सदस्यों और गांव के अन्य लोगों से बातचीत की। दो तस्वीरें देखिए…
विवाद की थी आशंका बातचीत में यह बात सामने आई कि बंसल समाज के लोगों को केवल विवाद की आशंका थी। गांव के अन्य समाज के लोगों ने भी स्पष्ट किया कि उन्हें बंसल समाज के दूल्हे की घोड़े पर रछवाई निकालने से कोई आपत्ति नहीं है और वे पूरा सहयोग करेंगे। गुरुवार दोपहर दूल्हा नंदू बंसल घोड़े पर बैठा और बैंड बाजे की धुन पर पूरे गांव में उसकी रछवाई निकाली गई। इस दौरान दूल्हे ने अपने हाथ में भारत का संविधान थाम रखा था। पुलिस ने किया सहयोग एससी महासभा के अध्यक्ष आकाश भारती ने कहा उन्होंने एसपी को आवेदन देकर बताया था कि बंसल समाज के द्वारा दूल्हे की रछवाई निकाली जानी है। जिसके बाद पुलिस और प्रशासन ने उनका पूरा सहयोग किया है। दूल्हे के भाई जीवन बंसल ने कहा गांव में सभी लोग इसी प्रकार भाईचारे के साथ रहें।
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