राजगढ़-सारंगपुर जनपद सीईओ सहित ब्यावरा सीएमओ को नोटिस: संबल योजना के 28 प्रकरण डीएम लॉगिन में लंबित, अफसरों के साथ पंचायत सचिवों पर कार्रवाई – rajgarh (MP) News

राजगढ़-सारंगपुर जनपद सीईओ सहित ब्यावरा सीएमओ को नोटिस:  संबल योजना के 28 प्रकरण डीएम लॉगिन में लंबित, अफसरों के साथ पंचायत सचिवों पर कार्रवाई – rajgarh (MP) News




राजगढ़ जिले में संबल योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को समय पर सहायता न मिलने के मामलों को कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने गंभीरता से लिया है। 180 दिन की निर्धारित समय-सीमा पूरी होने के बावजूद डीएम लॉगिन में 28 प्रकरण लंबित पाए गए। समीक्षा में जनपद और ग्राम पंचायत स्तर पर भारी लापरवाही सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जांच में सामने आया कि कई ग्राम पंचायतों में बिना किसी ठोस कारण के संबल योजना के प्रकरण लंबित रखे गए थे। इससे जरूरतमंद परिवारों को अनुग्रह सहायता समय पर नहीं मिल सकी। कलेक्टर ने इसे गंभीर प्रशासनिक चूक मानते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इन पंचायत सचिवों की वेतनवृद्धि रोकी गई
कलेक्टर के आदेश पर जनपद राजगढ़ की ग्राम पंचायत कंवरपुरा, तुम्दियाखेड़ी और पिपलिया, जनपद नरसिंहगढ़ की बारवां खुर्रम और बढ़बेली तथा जनपद खिलचीपुर की काछोटीया, जटामढ़ी और चिबड़कलां के पंचायत सचिवों की वेतनवृद्धि रोक दी गई है। इसके अलावा जनपद नरसिंहगढ़ की ग्राम पंचायत चारपुरा, तिन्दोनिया और मुवालिया खेड़र के सचिवों पर भी यही कार्रवाई की गई है। नगर पालिका सीएमओ को नोटिस, एक सचिव निलंबित
नगर पालिका ब्यावरा के मुख्य नगर पालिका अधिकारी को वेतनवृद्धि रोकने को लेकर नोटिस जारी किया गया है। वहीं, जनपद खिलचीपुर की ग्राम पंचायत हिम्मतपुरा के सचिव पर वेतनवृद्धि रोकने के साथ निलंबन की कार्रवाई की गई है। सीईओ जनपद राजगढ़ और सीईओ जनपद सारंगपुर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही ग्राम पंचायत निपान्यातुला (सारंगपुर), ओढ़पुर (राजगढ़) और टिकरिया (नरसिंहगढ़) के सचिवों से भी जवाब मांगा गया है। इसके अलावा ग्राम पंचायत देवझिरी और बांसखेड़ा (जनपद राजगढ़) के सचिवों के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। कलेक्टर बोले– लापरवाही बर्दाश्त नहीं
कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने साफ कहा कि संबल योजना जैसी सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पात्र हितग्राहियों को समय-सीमा में लाभ पहुंचाना संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी है। आगे भी लापरवाही मिलने पर इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।



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