पीथमपुर में गुरुवार को आयोजित कांग्रेस की एक बैठक में गुटबाजी खुलकर सामने आई। मंच पर वरिष्ठ नेताओं के पोस्टर न लगने को लेकर हंगामा हुआ, जिसके बाद पार्टी के भीतर का विवाद गहरा गया। यह बैठक एसआईआर को लेकर बुलाई गई थी। हंगामे की शुरुआत तब हुई जब एक वरिष्ठ नेता का पोस्टर न लगाए जाने पर उनके समर्थकों ने आपत्ति जताई। बैठक के दौरान, विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं को सह-प्रभारी उषा नायडू ने मंच से ही बाहर जाने के लिए कहा। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। इस घटनाक्रम से कांग्रेस का एक गुट नाराज दिखा। सह प्रभारी पर पार्षद का बयान पीथमपुर के वार्ड क्रमांक 6 के कांग्रेसी पार्षद धनंजय राव थोराट ने सह-प्रभारी उषा नायडू के व्यवहार पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कठिन समय में पार्टी को जमीनी स्तर पर जीवित रखने वाले कर्मठ कार्यकर्ताओं के योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। पार्षद थोरात ने आरोप लगाया कि जिन नेताओं ने पहले पार्टी हितों के विरुद्ध काम किया, वे आज मंच पर प्रमुखता से दिखाई दे रहे हैं। इसके विपरीत, लंबे समय से संघर्ष कर रहे कार्यकर्ताओं को उचित सम्मान नहीं मिल रहा है। थोरात ने यह भी कहा कि जिले की राजनीतिक परिस्थितियों और स्थानीय नेतृत्व की भूमिका को समझे बिना बाहरी नेतृत्व द्वारा कार्यकर्ताओं के साथ ऐसा व्यवहार अनुचित है। उन्होंने कांग्रेस हाईकमान से अपील की कि संगठन को मजबूत करने के लिए जिले की जीमीनी राजनीति को समझने वाले जिम्मेदार नेतृत्व को भेजा जाए। इस मामले पर पार्टी संगठन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। भाजपा ने कांग्रेस को बताया डूबता जहाज भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष निलेश भारती ने इस घटना पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कांग्रेस एक डूबता हुआ जहाज है और उसमें अंदरूनी कलह चल रही है। बैठक की अन्य तस्वीरें…
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