रीवा जिला प्रशासन ने गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच में लापरवाही बरतने पर बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने तीन एएनएम को निलंबित (सस्पेंड) कर दिया है और पांच संविदा एएनएम का पांच-पांच दिन का मानदेय काटने का आदेश दिया है। यह कार्रवाई अनमोल पोर्टल पर गलत और अधूरी जानकारी दर्ज करने के कारण की गई है। जांच में पाया गया कि एएनएम ने ब्लड प्रेशर और हीमोग्लोबिन जैसी अहम जानकारी सही दर्ज नहीं की थी। जांच में सामने आया कि संबंधित एएनएम ने गर्भवती महिलाओं की जांच के बाद पोर्टल पर तथ्यहीन डेटा दर्ज किया था। महिलाओं के रक्तचाप और हीमोग्लोबिन जैसी महत्वपूर्ण जानकारी सही तरीके से अपलोड नहीं की गई थी। इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए पहले बीएमओ स्तर से कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। जब संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील नियम 1966 के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई। पुलिस ने नहीं की कार्रवाई वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में आक्रोश है और वे सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। फिलहाल, इस मामले में प्रशासन और पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह किसकी शादी थी और यह कौन लोग थे, इसकी जानकारी भी अभी सामने नहीं आई है।
ये 3 एएनएम हुईं सस्पेंड जारी आदेश के मुताबिक, उप स्वास्थ्य केंद्र कोलहाई (विकासखंड गंगेव) की एएनएम प्रमिला शुक्ला को निलंबित किया गया है। उनका मुख्यालय सीएचसी रायपुर कर्चुलियान तय किया गया है। इसी तरह, उप स्वास्थ्य केंद्र लूक (विकासखंड जवा) की एएनएम विमला तिवारी का मुख्यालय सिविल अस्पताल सिरमौर और उप स्वास्थ्य केंद्र जरहा की एएनएम रामरती तिवारी का मुख्यालय सीएचसी गोविंदगढ़ निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में सभी को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। इन 5 संविदा एएनएम की कटी सैलरी गर्भवती महिलाओं के पंजीयन, जांच और पोर्टल में डेटा एंट्री में लापरवाही बरतने पर पांच संविदा एएनएम का पांच-पांच दिन का मानदेय राजसात किया गया है। इनमें एसएचसी डेल्ही की सुनीता कोल, शहरी क्षेत्र रीवा की नीतू शुक्ला, एसएचसी हरदुआ की शिवकांति आदिवासी, शहरी क्षेत्र रीवा की आरती द्विवेदी और मधु पाण्डेय शामिल हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मातृ स्वास्थ्य योजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
Source link