तुअर दाल की खेती के टिप्स: खेती अगर समझदारी और नए प्रयोग के साथ की जाए, तो वही खेत सोना उगलने लगते हैं. यह बात सच कर दिखाई है मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के एक साधारण किसान ने. आठवीं कक्षा तक पढ़े किसान परम सिंह ने ऐसा नवाचार किया कि आज उनकी सफेद तुवर की खेती पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई है. महज एक एकड़ जमीन में प्रयोग करके उन्होंने लाखों की कमाई कर ली.
20 किलोमीटर दूर खामला गांव से आई कामयाबी की कहानी
बुरहानपुर जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर खामला गांव के रहने वाले किसान परम सिंह परंपरागत खेती करते आ रहे थे. लेकिन इस बार उन्होंने कुछ अलग करने की ठानी. आम तुवर की जगह उन्होंने सफेद तुवर की खेती की और यही फैसला उनकी जिंदगी का टर्निंग पॉइंट बन गया.
₹20 हजार की लागत, ₹1.5 से ₹2 लाख तक का मुनाफा
किसान परम सिंह बताते हैं कि उन्होंने एक एकड़ खेत में सफेद तुवर लगाई, जिसमें कुल लागत करीब ₹20,000 आई. फसल तैयार होने में लगभग 4 महीने लगे, लेकिन जब उपज बाजार में आई तो कीमत ने सबको चौंका दिया. उन्हें एक एकड़ से डेढ़ लाख से दो लाख रुपए तक की कमाई हो गई. यानी लागत के मुकाबले कई गुना मुनाफा.
खाने में मीठी, दिखने में सफेद… इसलिए बढ़ी डिमांड
परम सिंह बताते हैं कि सफेद तुवर बाहर से सफेद और अंदर से हल्की पीली होती है. इसका स्वाद आम तुवर से ज्यादा मीठा और स्वादिष्ट होता है. यही वजह है कि लोग इसे खूब पसंद कर रहे हैं. पुराने समय में बुजुर्ग अपने घर के खाने के लिए इसी तुवर का इस्तेमाल करते थे, क्योंकि इसका भाव भी ठीक रहता है और स्वाद भी बेहतरीन होता है.
मंडी नहीं जाना पड़ता, ग्राहक खुद घर पहुंच रहे
इस नवाचार का सबसे बड़ा फायदा यह है कि किसान को अब फसल बेचने मंडी के चक्कर नहीं लगाने पड़ते. परम सिंह बताते हैं कि लोग सीधे उनके घर आकर तुवर खरीद रहे हैं. फिलहाल उनकी सफेद तुवर ₹6,000 से ₹7,000 प्रति क्विंटल के भाव बिक रही है. व्यापारी भी खुद उनसे संपर्क कर रहे हैं और मंडी में भी उनकी तुवर की अच्छी मांग है.
पिता से सीखी खेती, प्रयोग से मिली पहचान
लोकल 18 से बातचीत में किसान परम सिंह ने बताया कि उन्होंने खेती अपने पिता से सीखी है. पढ़ाई भले ही आठवीं तक ही हुई हो, लेकिन खेत में नया करने की सोच ने उन्हें आगे बढ़ा दिया. उनका कहना है कि यह प्रयोग पूरी तरह सफल रहा है और आने वाले समय में वे ज्यादा जमीन पर सफेद तुवर की खेती करेंगे.
दूसरे किसानों के लिए प्रेरणा
परम सिंह की कहानी उन किसानों के लिए मिसाल है, जो कम लागत में ज्यादा मुनाफे की तलाश में हैं. सही फसल, सही समय और थोड़ा सा नवाचार यही खेती को फायदे का सौदा बना सकता है.