Budget 2026: बेझिझक फैक्ट्री लगाएं, सरकार करेगी देगी, MP के MSME सेक्टर को मिलेगा बड़ा लाभ, एक्सपर्ट से जानें

Budget 2026: बेझिझक फैक्ट्री लगाएं, सरकार करेगी देगी, MP के MSME  सेक्टर को मिलेगा बड़ा लाभ, एक्सपर्ट से जानें


Indore News: केंद्र सरकार ने 2026 का बजट पेश कर दिया है. इस बार खासतौर पर इंडस्ट्रियल और एमएसएमई सेक्टर के लिए ठोस योजनाएं हैं. ‌नए उद्यमियों के लिए यह सुनहरा अवसर है. नए उद्यम स्थापित करने में मदद मिलेगी, जिससे इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलेगी. एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज मध्यप्रदेश प्रदेश के अध्यक्ष योगेश मेहता के अनुसार, इस बजट में बायोफार्मा, सेमीकंडक्टर मेन्यूफेक्चरिंग, रेयर अर्थ मेग्नेट और एक्सपोर्ट को मजबूत करने के लिए दूरगामी योजनाएं बनाई गई हैं. इससे न केवल देश में प्रोडक्शन को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि जिन क्षेत्र में एक्सपोर्ट में फिलहाल चीन जैसे देशों का दबदबा है, वहां भारत के उत्पादों को भी जगह मिलेगी.

मध्य प्रदेश के लिए सुनहरा अवसर
इस बजट में बायोफार्मा सेक्टर के लिए 5 साल में 10 हजार करोड़ का प्रावधान है. इससे बड़े स्तर पर रिसर्च लैब और सेंटर्स स्थापित होंगे ये सेक्टर एक्सपोर्ट से होने वाली आय का बड़ा स्त्रोत है, जबकि मध्यप्रदेश का पीथमपुर इंडस्ट्रियल एरिया फार्मास्युटिकल का गढ़ है. इसे बड़ा फायदा मिलेगा और हमारे फॉरेन रिजर्व भी बढ़ेंगे. बायोफार्मा से जुड़ी हुई टेक्नोलॉजी भी एक्सपोर्ट करेगा, उससे भी फायदा मिलेगा. आगे बताया, टेक्सटाइल कारखानों को अपग्रेड करने के लिए भी फंड की घोषणा की गई है. ‌बुरहानपुर, पीथमपुर, इंदौर के साथी चंदेरी महेश्वरी साड़ियों में हैंडलूम का भी काम होता है. अगर यहां के उद्योगपति अपने कारखानों को अपग्रेड करना चाहते हैं तो उन्हें फंड आसानी से उपलब्ध हो जाएगा. यहां के टेक्सटाइल उद्योग को बढ़ावा देने और एक्सपोर्ट बढ़ाने में मदद मिलेगी.

नए उद्यमियों के लिए सुनहरा अवसर
सरकार ने चैम्पियंस प्रोग्राम के लिए 10 हज़ार करोड़ एलोकेट किए हैं. यह इक्विटी फंड होगा जो सरकार देगी यह खासकर उन लोगों के लिए जो रिसर्च को डेवलपमेंट तो कर लेते हैं, लेकिन उनके पास वेंचर कैपिटल फंड नहीं होता. ऐसे लोगों को सरकार उद्योग लगाने में मदद करेगी. साथ ही फैक्ट्री चलाने के लिए भी कैपिटल फंड चाहिए होगा. इसमें भी त्रिस्तरीय व्यवस्था कर सरकार मदद करेगी. वहीं, प्रोडक्शन के बाद उत्पाद को एक्सपोर्ट करने में भी सरकार मदद करेगी.

MSME को मिलेगा ये फायदा 
सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी सीमा को बढ़ाकर 10 करोड़ कर दिया गया है. अब बिना किसी गारंटी के बैंक से बड़ा लोन मिलना आसान हो जाएगा. साथ ही अब सभी सरकारी कंपनियों के लिए MSME से खरीद का भुगतान TReDS प्लेटफॉर्म के जरिए करना अनिवार्य होगा. इसका मतलब है कि पेमेंट फंसने की समस्या खत्म होगी. वहीं 10,000 करोड़ रुपये का MSME ग्रोथ फंड दिया गया है, जो छोटे उद्योगों को बड़ा बनने में मदद करेगा.

पुराने उद्योग फिर से जीवित होंगे 
इस बजट में सरकार ने पुराने औद्योगिक क्लस्टर को पुनर्जीवित करने के लिए फंड दिया है. इससे इंदौर के कन्फेक्शनरी फुटवियर और ऑटो पार्ट्स सेक्टर को सीधा लाभ मिलेगा. इंदौर और आस-पास ऐसे कई औद्योगिक सेक्टर हैं, जिनमें कई कारखाने बंद हो चुके हैं, वे फिर से जीवित हो पाएंगे. इस बजट में ऐसे कई प्रावधान किए गए हैं, जो उद्यमियों को सीधे फायदा पहुंचाएंगे. प्रक्रियाओं को भी सरल किया गया है, जिससे समय की बचत होगी. उद्योगों का तेजी से विकास होगा.



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