परली वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग पर अर्पित होगा 151 किलो का त्रिशूल: चौरागढ़ पंच कमेटी 2026 में करेंगी, शोभायात्रा रहेगी स्थगित – Chhindwara News

परली वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग पर अर्पित होगा 151 किलो का त्रिशूल:  चौरागढ़ पंच कमेटी 2026 में करेंगी, शोभायात्रा रहेगी स्थगित – Chhindwara News




छिंदवाड़ा: शिवरात्रि महापर्व पर चौरागढ़ बाबा महादेव मेले में इस वर्ष 7 फरवरी (शनिवार) को छोटी बाज़ार, छिंदवाड़ा से श्रद्धालु बसों के माध्यम से दर्शन के लिए रवाना होंगे। श्री चौरागढ़ पंच कमेटी, श्री बड़ी माता एवं श्री राम मंदिर द्वारा 55 वर्षों से निभाई जा रही त्रिशूल अर्पण की परंपरा के तहत वर्ष 2026 में 151 किलोग्राम स्टेनलेस स्टील से बना भव्य त्रिशूल महादेव को अर्पित किया जाएगा। हालांकि जनवरी में मुख्य पुजारी संत श्री 1008 गरीबदास महाराज के ब्रह्मलीन होने के कारण इस बार पारंपरिक त्रिशूल शोभायात्रा स्थगित रहेगी 55 वर्षों से अटूट आस्था की परंपरा समिति के वरिष्ठ संरक्षक अशोक चौरसिया के अनुसार, चौरागढ़ में त्रिशूल अर्पित करने की परंपरा पिछले 55 वर्षों से लगातार निभाई जा रही है। यह परंपरा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि श्रद्धा, तप और सामूहिक संकल्प का प्रतीक है। अब तक पीतल, तांबा, जस्ता, निकल, चांदी, सोना और स्टील से बने त्रिशूल अर्पित किए जा चुके हैं। 151 किलो स्टेनलेस स्टील का विशेष त्रिशूल वर्ष 2026 का त्रिशूल 151 किलोग्राम स्टेनलेस स्टील से निर्मित किया गया है। इसे श्रद्धालु पैदल दुर्गम पहाड़ियों के रास्ते चौरागढ़ तक ले जाकर अर्पित करेंगे। यह यात्रा भक्ति, धैर्य और सामूहिक सहभागिता का अनूठा उदाहरण मानी जाती है, जिसमें युवा और बुजुर्ग समान उत्साह से शामिल होते हैं। केदारनाथ ज्योतिर्लिंग में भी अर्पित हो चुका त्रिशूल समिति की ओर से बताया गया कि इससे पहले केदारनाथ ज्योतिर्लिंग में भी त्रिशूल अर्पित किया जा चुका है, जिससे चौरागढ़ परंपरा को देशभर में पहचान मिली है। त्रिशूल अर्पण श्रृंखला के तहत वर्ष 2025 का त्रिशूल नेपाल स्थित पशुपतिनाथ मंदिर में अर्पित किया जाना शेष है। इसके लिए शीघ्र ही भक्तों का जत्था रवाना किया जाएगा। 2013 से द्वादश ज्योतिर्लिंगों तक पहुंची परंपरा समिति ने वर्ष 2013 से त्रिशूल अर्पण की इस परंपरा को देश के द्वादश ज्योतिर्लिंगों तक विस्तार दिया। महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, त्र्यंबकेश्वर, सोमनाथ, नागेश्वर, केदारनाथ, रामेश्वरम, मल्लिकार्जुन, काशी विश्वनाथ, बाबा वैद्यनाथ, घृष्णेश्वर और भीमाशंकर में त्रिशूल अर्पित किए जा चुके हैं। मुख्य पुजारी के ब्रह्मलीन होने से शोभायात्रा स्थगित जनवरी माह में चौरागढ़ महादेव मंदिर के मुख्य पुजारी संत श्री 1008 गरीबदास महाराज के ब्रह्मलीन होने के कारण समिति ने श्रद्धांजलि स्वरूप इस वर्ष त्रिशूल शोभायात्रा स्थगित रखने का निर्णय लिया है।



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