राजगढ़ में शुक्रवार को एक महिला पटवारी को फोन पर जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। बातचीत का ऑडियो भी सामने आया है, जिसमें खुद को जितेंद्र तंवर बताने वाला व्यक्ति पटवारी से किसी व्यक्ति का नाम बताने का दबाव बनाता है। नाम न बताने पर वह खुलेआम शरीर में गोलियां उतारने की धमकी देता सुनाई देता है और रिकॉर्डिंग की परवाह न करने की बात कहता है। बातचीत के दौरान आरोपी फरार रहने और हत्या कर जेल जाने तक की बात करता है। इसके बाद वह महिला पटवारी के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग भी करता है। अब तक इस मामले में पुलिस केस दर्ज होने की सूचना नहीं है। महिला पटवारी और जितेंद्र तंवर के बीच बातचीत क्या बातचीत हुई, पढ़िए… पटवारी: हेलो…
जितेंद्र तंवर: हेलो… हेलो…
पटवारी: हां, बोलिए, आपकी आवाज आ रही है।
जितेंद्र तंवर: मैं ये बोल रहा हूं, आपने मेरा नंबर जिसको दिया है न, उसका नाम बता दो। बस इतना बता दो, अगर आपको बचना है तो।
पटवारी: नहीं तो आप मेरा क्या कर लेंगे? बचना हो तो क्या करना चाहते हैं?
जितेंद्र: मैं आपको सीधी बात बोल रहा हूं, अगर मैं अपने बाप की औलाद हूं तो छह के छह राउंड आपके शरीर में उतार दूंगा। चाहे आप रिकॉर्डिंग कर लो।
पटवारी: रिकॉर्डिंग तो मैं कर ही लूंगी, लेकिन हुआ क्या था? मैंने आपकी शक्ल तक नहीं देखी है। आपने मेरी झूठी शिकायत की है।
जितेंद्र: मैं बोल रहा हूं, आपको छह के छह राउंड उतार दूंगा। बात खत्म। अगर बचना है तो मुझे उसका नाम बता दो, जिसको आपने मेरा नंबर दिया है।
पटवारी: नहीं बताऊंगी। नाम नहीं बताऊंगी तो आप क्या कर लोगे?
जितेंद्र: तो छह के छह राउंड आपके शरीर में उतार दूंगा। ये मैं बोल रहा हूं और चेतावनी भी दे रहा हूं। देख लेना, जिस दिन आप कालीपीठ के इधर निकल गईं, छह के छह राउंड। अगर आपके शरीर में नहीं उतारे तो मेरा नाम भी जितेंद्र बदल देना।
पटवारी: आपका नाम क्या है?
जितेंद्र: जितेंद्र तंवर। ठीक है, आप रिकॉर्डिंग कर रही हो न, मुझे कोई दिक्कत नहीं है। आप जाट साहब के पास फोन लगाओगी न? किसके पास लगाओगी?
पटवारी: हां, मैंने जाट साहब को फोन लगाया था।
जितेंद्र: मैं दो-चार महीने फरार रह लूंगा, कोई दिक्कत नहीं है मुझे। लेकिन मैं आपको खत्म करके ही फरार रहूंगा। ये मैं आपको बता देता हूं, चेतावनी दे देता हूं। ठीक है न? और अगर बताना हो तो बता दो कि आपने मेरा नंबर किसको दिया था और जिसने मुझे गालियां दीं।
पटवारी: मुझे नहीं पता भैया, किसने आपको फोन लगाया और किसने नहीं।
जितेंद्र: खेल खत्म आपका। अगर सुबह भी हो जाए न आपकी, तो मेरा नाम पलट देना। समझी तू? तू बता, तू रहती कहां है?
पटवारी: मैं राजगढ़ में ही रहती हूं।
जितेंद्र: राजगढ़ में किधर?
पटवारी: अब इतनी बकवास मत करो, ठीक है।
इसके बाद जितेंद्र नाम का व्यक्ति महिला पटवारी को गंदी-गंदी गालियां देता है और कहता है “मुझे तो अब जेल में ही रहना है, अब तू गई काम से।”
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पुलिस ने 24 घंटे के भीतर नर्स की हत्या मामले का खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, नर्स दीपशिखा चढ़ार को उसके मौसेरे भाई सुशील आठ्या ने गोली मारी थी। वह दीपशिखा से एकतरफा प्यार करता था। सुशील उसकी हत्या करने के लिए मंगलवार को ही जबलपुर से सागर आया था। दिनभर रेकी करने के बाद रात को मौका मिलते ही उसने अपने इरादे को अंजाम दे दिया। फिर भाग निकला। उसने नर्स को तीन गोलियां मारीं। एक गोली मिस हो गई, जबकि दो गोली दीपशिखा की पीठ से होते हुए दिल तक पहुंच गईं। पूरी खबर पढ़िए…
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