ग्वालियर में ‘घूसखोर पंडत’ फिल्म का विरोध: ब्राह्मण समाज ने दिया 2 दिन का अल्टीमेटम, उग्र आंदोलन की चेतावनी। – Gwalior News

ग्वालियर में ‘घूसखोर पंडत’ फिल्म का विरोध:  ब्राह्मण समाज ने दिया 2 दिन का अल्टीमेटम, उग्र आंदोलन की चेतावनी। – Gwalior News




ओटीटी प्लेटफार्म पर रिलीज होने जा रही फिल्म घूसखोर पंडत के विरोध की आग ग्वालियर तक पहुंच चुकी है ब्राह्मण समाज के पदाधिकारी भावी व्यक्तियों द्वारा इसका जमकर विरोध किया जा रहा है कहीं रैली के माध्यम से तो कहीं ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन को उग्र आंदोलन के लिए जिताया जा रहा है विरोध करने वालों का कहना है कि अगर 2 दिन के अंदर इस फिल्म को बंद नहीं किया गया तो ब्राह्मण समाज द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा। 2 दिन में नहीं हुई कार्रवाई तो होगा आंदोलन
सकल ब्राह्मण महासमिति द्वारा ज्ञापन सौंप कर इसका विरोध जताया गया है साथ ही चेतावनी दी गई है कि अगर इस फिल्म 2 दिन के भीतर कोई कार्रवाई नहीं होती है तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। सकल ब्राह्मण महासमिति के संस्थापक जयवीर भारद्वाज का कहना है कि घूसखोरी पंडित के लिए इससे संबंधित लोगों पर धारा 196 के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। जो धार्मिक उन्माद फैला रहे हैं अपने तरीकों से देश को जातिवाद के नाम पर टुकड़ों में बांटना चाहते हैं। ऐसे लोगों पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। इसको लेकर हमारी समिति ने जोरदार दर्शन भीकिया है। हमने उनको दो दिन का समय दिया है अगर 2 दिन के भीतर बदलाव नहीं होता है या कार्रवाई नहीं होती है तो सड़कों पर उग्र आंदोलन होगा। एक वर्ग को इस तरह से बदनाम करना निंदनीय है
ग्वालियर में गंगादास की शाला के महंत स्वामी रामसेवक दस महराज ने भी इसके लिए विरोध जताया है। महाराज का कहना है कि समाज के एक वर्ग को इस तरह से बदनाम करना निंदनीय है। घूसखोर बोलना और ऐसे ऐसे नाम रखना यह बड़ा अपराध है। जिस पर तत्काल एफआईआर जरूर होना चाहिए। ऐसा करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए। भारत सरकार के साथ-साथ शासन प्रशासन और बोर्ड इस बात पर विशेष ध्यान देकर इस तरह के नाम से होने वाली पिक्चरों को रिलीज ही न होने दे। किसी एक वर्क को इस तरह का नाम देना अच्छी बात नहींहै। उनका कहना है कि जब नाम ही ऐसा गंदा है तो उसे पिक्चर के अंदर किस तरह की भाषा और किस तरह की पत्रों का इस्तेमाल किया गया है। वो तो गलत ही होगा। ब्राह्मणों पर हो रहे चौतरफा हमले
वॉइस ऑफ़ यूथ इक्वलिटी संस्थापक अखिलेश पांडे ने भी इसका कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि आज के समय में ब्राह्मणों पर और खासकर सवर्ण समाज पर जो चौतरफा हमले हो रहे हैं। वह किसी से छिपी नहीं है। फिल्मों में तो अधिकांश से इस तरह से दिखाया जाता है जिसमें इस समाज को गलत ही दिखाया गया है। आज हम इसका विरोध इसलिए कर रहे हैं। क्योंकि यह हमारी प्रतिष्ठा पर एक दाग है। अब हम इसको बिल्कुल भी नहीं सहेंगे। उन्होंने सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार हर तरह से सवर्णों को पलायन के लिए मजबूर कर रही है। लेकिन सरकार यह ना भूले की जिन हाथों से सत्ता तक पहुंचा है उन्हें हाथों से राजमुकुट उतार भी जा सकता है। आप किसी जाती के सगे नहीं हो
सकल ब्राह्मण समिति की महिलाध्यक्ष बीना भारद्वाज ने सीधे तौर पर सरकार को आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि घूसखोर पंडत के नाम से जिस तरह मूवी आ रही है तो ये क्या है ये जातिवाद फैलाया जा रहा है। मैं देश की सरकार को आवाहन कर देना चाहती हूं कि आप अपनी राजनीति सीधे तरीके से करें। ना कि भाई को भाई से लड़ाकर। सरकार इस मूवी को वापस करे। नहीं तो ब्राह्मण समाज आंदोलन करेगा। उन्होंने कहा कि आप किसी भी जाती के सगे नहीं हो। ऐसी कोई जाती के आप सगे हो जिसको आपने ठगा नहीं है। क्योंकि भारतीय जनता पार्टी खुद को हिंदूवादी पार्टी के रूप में बताती है ओर उन्हीं की सरकार इस तरह के कार्य निंदनीय है। बरहाल विभिन्न संगठनों ने मूवी के टाइटल घूसखोर पंडत के कड़ा विरोध जताते हुए इससे जुड़े लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। जिनका कहना है कि अगर समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं हुई तो ब्राह्मण समाज द्वारा बड़ा आंदोलन होता नजर आएगा।



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