भोपाल. मध्य प्रदेश विधानसभा का आगामी बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू होने वाला है, जो 6 मार्च तक चलेगा. इस दौरान राज्य सरकार 2026-27 के लिए अनुमानित 4.63 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश करेगी, जो पिछले वर्ष से करीब 10 प्रतिशत अधिक होगा. लेकिन यह सत्र सिर्फ आर्थिक योजनाओं तक सीमित नहीं रहने वाला, बल्कि राजनीतिक हंगामे का गवाह बनेगा. विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार को हिंदुत्व के सॉफ्ट मुद्दों पर घेरने की व्यापक रणनीति तैयार की है. गौ हत्या जैसे संवेदनशील विषयों के अलावा इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई 32 मौतें, जहरीले कफ सीरप से छिंदवाड़ा, बैतूल और पांढुर्णा में 25 बच्चों की मौतें, प्रदेश पर बढ़ता कर्जा, अवैध खनन, महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को जोर-शोर से उठाया जाएगा.
कांग्रेस ने जनता से सीधे जुड़ने के लिए व्हाट्सएप नंबर 8269889419 और ईमेल umangsinghar.mp@gmail.com जारी किया है, जहां लोग अपनी समस्याएं और घोटालों के सबूत भेज सकते हैं. यह कदम विपक्ष की रणनीति को मजबूत बनाता है, क्योंकि अब स्थानीय मुद्दों को तथ्यों के साथ सदन में पेश किया जाएगा. विशेषज्ञों का मानना है कि यह सत्र राज्य की राजनीति में नई दिशा दे सकता है, जहां विकास की बातों के बीच सामाजिक न्याय और भ्रष्टाचार पर बहस छिड़ेगी.
सड़क से सदन तक लड़ाई, वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा बजट पेश करेंगे
पिछले सत्रों में देखा गया कि सरकार चर्चा से बचने के लिए सत्र को छोटा रखती है, लेकिन इस बार 12 दिनों का सत्र होने से विपक्ष को मौका मिलेगा. कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने कहा कि सरकार जनता के मुद्दों से भाग रही है, इसलिए वे सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ेंगे. वहीं, भाजपा प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नकारात्मक राजनीति करती है और सदन की कार्यवाही बाधित करती है. इस सत्र में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा बजट पेश करेंगे, जिसमें रोजगार सृजन पर फोकस होगा. लेकिन विपक्ष की तैयारी से लगता है कि बजट चर्चा से पहले ही हंगामा शुरू हो जाएगा. राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि हिंदुत्व मुद्दों पर कांग्रेस का हमला भाजपा की कोर वोट बैंक को प्रभावित कर सकता है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में जहां गौ रक्षा एक बड़ा मुद्दा है. साथ ही, दूषित पानी और स्वास्थ्य संकट जैसे मामले सरकार की लापरवाही को उजागर करेंगे, जो चुनावी वर्ष में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं.
सरकार को घेरने के लिए तीन चरणों में विरोध
सदन से सड़क तक कांग्रेस की 3 चरणीय रणनीति कांग्रेस ने बजट सत्र के दौरान सरकार को घेरने के लिए तीन चरणों में विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई है. पहले चरण में विधायक अपने-अपने क्षेत्रों से भ्रष्टाचार, अव्यवस्था और घोटालों के तथ्य सदन में पेश करेंगे. उमंग सिंघार ने विधायकों को निर्देश दिए हैं कि वे सबूतों के साथ मुद्दे उठाएं, जैसे विभागीय धांधली और माफिया राज. यह रणनीति स्थानीय मुद्दों को राज्य स्तर पर लाकर सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल उठाएगी.
गौकशी, खराब पानी, बेरोजगारी और कर्ज का मुद्दा
दूसरे चरण में हर रोज विधानसभा परिसर में गांधी प्रतिमा के सामने सांकेतिक प्रदर्शन होंगे. मुख्य मुद्दे गौकशी, खराब पानी, बेरोजगारी और कर्ज होंगे. यह प्रदर्शन मीडिया का ध्यान आकर्षित कर जनता में संदेश फैलाएंगे. तीसरे चरण में एनएसयूआई, यूथ कांग्रेस, महिला कांग्रेस और सेवादल जैसे संगठन सड़कों पर उतरेंगे. विधानसभा का घेराव किया जाएगा, जो विरोध को जन आंदोलन का रूप देगा. यह रणनीति 2023 के किसान आंदोलन से प्रेरित लगती है, जहां सड़क विरोध ने राजनीतिक दबाव बनाया.
विकास योजनाओं पर सवाल उठाता कर्ज
मुख्य मुद्दों पर गहराई से नजर सत्र में उठने वाले मुद्दों में गौ हत्या प्रमुख है. कांग्रेस का आरोप है कि सरकार गौ रक्षा कानूनों को सख्ती से लागू नहीं कर रही, जिससे हिंदुत्व वोटर्स में असंतोष है. दूषित पानी से मौतें इंदौर में स्वास्थ्य संकट को दर्शाती हैं, जहां विपक्ष स्थगन प्रस्ताव लाएगा. प्रदेश का कर्ज 3 लाख करोड़ से ऊपर पहुंच चुका है, जो विकास योजनाओं पर सवाल उठाता है. अवैध खनन से पर्यावरण क्षति और राजस्व हानि हो रही है. महंगाई और बेरोजगारी युवाओं को प्रभावित कर रही है, जहां सरकार का रोजगार फोकस परीक्षा होगा.
विपक्ष की एकजुटता और जनता से जुड़ाव नई चुनौती पेश कर रहा
सरकार की चुनौतियां और विपक्ष की ताकत सरकार का कहना है कि वह सदन चलाना चाहती है, लेकिन विपक्ष बाधा डालता है. बजट में रोजगार, इंफ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक कल्याण पर जोर होगा. लेकिन विपक्ष की एकजुटता और जनता से जुड़ाव नई चुनौती पेश कर रहा है. राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह सत्र 2028 चुनावों की दिशा तय कर सकता है, जहां हिंदुत्व और विकास का मिश्रण वोटर्स को प्रभावित करेगा.
सवाल 1: बजट सत्र में कांग्रेस की मुख्य रणनीति क्या है?
जवाब: कांग्रेस ने 3 चरणों में विरोध की योजना बनाई है- सदन में तथ्यों के साथ मुद्दे उठाना, परिसर में सांकेतिक प्रदर्शन और सड़कों पर घेराव.
सवाल 2: सत्र में कौन से प्रमुख मुद्दे उठेंगे?
जवाब: गौ हत्या, दूषित पानी से मौतें, जहरीले कफ सीरप से बच्चों की मौतें, कर्ज, अवैध खनन, महंगाई और बेरोजगारी मुख्य मुद्दे होंगे.
सवाल 3: जनता कैसे शामिल हो सकती है?
जवाब: कांग्रेस ने व्हाट्सएप नंबर 8269889419 और ईमेल umangsinghar.mp@gmail.com जारी किया है, जहां समस्याएं और सबूत भेज सकते हैं.