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Husband Wife Success Story: इंदौर के पढ़े-लिखे पति-पत्नी ने जॉब छोड़कर पिता द्वारा शुरू की गई मेस को आगे बढ़या. पति ने एमबीए वाला दिमाग लगाया और पत्नी के साथ मिलकर मेस का अनोखा कॉन्सेप्ट डेवलप किया. आज सिर्फ स्टूडेंट नहीं, इनके यहां कई अधिकारी भोजन करने आते हैं. जानें कैसे…
Indore News: इंदौर में लाखों बैचलर्स अपना करियर बनाने आते हैं. कोई डॉक्टर तो कोई इंजीनियर बनने आता है. कोई सरकारी नौकरी की तैयारी करने आता है. लेकिन, सबके लिए एक ही चुनौती होती है, अच्छा और घर जैसा खाना. ऐसा खाना आज के दौर में बाजार में मिल पाना थोड़ा मुश्किल है. अगर कहीं मिलता भी है तो बहुत महंगा. लेकिन, इसी समस्या को सुलझाया इंदौर के गीता भवन के पास में रहने वाले ‘गुप्ता जी’ ने, जो मात्र 57 रुपए में भरपेट खाना खिलाते हैं. वह भी घर जैसा. यही वजह है कि न सिर्फ स्टूडेंट, यहां कई अधिकारी भोजन करने आते हैं.
कम मार्जिन में काम, कमाई बढ़िया
यही वजह है कि डॉक्टर्स भी कहीं और जाने के बजाय उनकी ही मेस को प्राथमिकता देते हैं. कई बैचलर्स दूर की कॉलोनियों से भी खासतौर पर रोजाना खाना खाने यहां आते हैं. तिलक नगर में ‘गुप्ता जी की मेस’ के नाम से मेस मशहूर है. इतनी कम कीमत पर वह खाना कैसे खिला पाते हैं पूछने पर शैलेंद्र बताते हैं कि मैनेजमेंट (MBA) की उनकी पढ़ाई के दौरान बल्क प्रोडक्शन की सीख उन्हें मेस चलाने में काम आती है. कम मार्जिन रखकर वो यह काम करते हैं. कई छात्र ऐसे भी आते हैं जिनके पास पैसे की दिक्कत होती है, वह उनकी पढ़ाई में भी मदद कर देते हैं.
नौकरी छोड़, क्यों चला रहीं मेस? मिला गजब जवाब
पत्नी अंशिता से जब पूछा कि IT कंपनी छोड़ वो मेस क्यों चला रही हैं? इस पर उन्होंने जवाब दिया, कंपनी में आप बंधकर काम करते हैं, जबकि ग्रोथ भी सीमित ही होती है. लेकिन, यह अपना काम है. यहां ग्रोथ अपनी मेहनत और इमानदारी पर निर्भर करती है. जब बच्चे खुश होकर खाना खाकर जाते हैं तो यह उन्हें सुकून देता है. यह काम मुझे इतना अच्छा लगता है कि समय का भी पता नहीं चलता.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें