Mausam News Today: मध्यप्रदेश में फरवरी के पहले सप्ताह के अंतिम दिनों में ठंड ने एक बार फिर अपना सितम दिखाना शुरू कर दिया है. प्रदेश के ग्वालियर-चंबल संभाग समेत 11 से अधिक जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे लुढ़क गया है. खासकर एमपी के उत्तरी हिस्सों में ठंड का असर ज्यादा देखने को मिल रहा है.
शुक्रवार को पूरे दिन प्रदेश में ठंडी हवाएं चलती रहीं, जिससे तापमान में और गिरावट दर्ज की गई. शनिवार सुबह कई जिलों में हल्के से मध्यम कोहरे का असर देखा गया. ग्वालियर-चंबल, सागर, रीवा और उज्जैन संभाग के कुछ इलाकों में विजिबिलिटी कम रिकॉर्ड की गई, जिससे लोगों को सुबह के समय दिक्कतों का सामना करना पड़ा.
अगले 3 दिन बारिश नहीं, लेकिन ठंड दिखाएगी असर
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से पिछले दिनों बारिश और ओलावृष्टि हुई थी. अब सिस्टम कमजोर पड़ने से ठंडी हवाओं का असर बढ़ गया है. अगले तीन दिनों तक प्रदेश में बारिश या ओलावृष्टि का कोई अलर्ट नहीं है, लेकिन शीतलहर का असर जारी रहेगा.
अगले दो दिनों का मौसम ऐसा रहेगा
8 फरवरी का मौसम:
प्रदेश के कई जिलों में हल्का कोहरा रहेगा. बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन ठंड बनी रहेगी.
9 फरवरी का मौसम:
कुछ इलाकों में हल्का से मध्यम कोहरा देखने को मिल सकता है. फिलहाल बारिश को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है.
भोपाल स्थित मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 8 फरवरी से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है. इसके असर से प्रदेश के मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा. मौसम विभाग का अनुमान है कि 10 फरवरी से फिर मावठा गिर सकता है, हालांकि अभी बारिश या ओलावृष्टि को लेकर कोई तात्कालिक अलर्ट नहीं है.
पिछले 24 घंटों में कटनी प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. इसके अलावा शहडोल और खजुराहो में 6.6 डिग्री, रीवा में 7 डिग्री, राजगढ़ और उमरिया में 8 डिग्री, जबकि शाजापुर में 8.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया. नौगांव, सतना, दमोह और मंडला में भी कड़ाके की ठंड महसूस की गई.
प्रदेश के प्रमुख शहरों में न्यूनतम तापमान इस प्रकार रहा:
ग्वालियर- 8.7 डिग्री
भोपाल – 10.2 डिग्री
इंदौर – 10.9 डिग्री
जबलपुर – 11.6 डिग्री
उज्जैन – 12.2 डिग्री