खंडवा में रेलवे माल गोदाम पर हम्माली के दाम तय करने को लेकर रविवार को विवाद गहरा गया। दोपहर करीब 3 बजे हम्मालों ने काम बंद कर मुख्य सड़क पर नारेबाजी शुरू कर दी। ठेकेदार द्वारा पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बाद मामला और बिगड़ गया। इसी बीच, प्रताड़ना से परेशान होकर मुख्य मुकदम रेलवे ट्रैक पर आत्महत्या करने पहुंच गया, जिसे साथियों ने बचाया। घटना के बाद से हम्मालों में भारी आक्रोश है। हम्मालों का कहना है कि पहले आलू की बोरी के हिसाब से हम्माली का रेट 3.20 रुपये था। 1 जनवरी 2026 को मालमालिकों की सहमति से इसे बढ़ाकर 3.50 रुपये किया गया था। आरोप है कि अब ठेकेदार पियूष जुनेजा, आजम चौहान सहित अन्य ठेकेदार 3.50 रुपये की दर देने से इनकार कर रहे हैं। झूठी शिकायत से बढ़ा विवाद मालगोदाम के मुख्य मुकदम इरफान तिगाला के नाम पर ठेकेदार पियूष जुनेजा ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इरफान तिगाला का आरोप है कि ठेकेदार ने उनके नाम का दुरुपयोग करते हुए रेलवे पुलिस और सिटी कोतवाली में झूठी शिकायत की है। इसी बात से हम्मालों में नाराजगी फैल गई। ट्रेन के आगे कूदने पहुंचा मुकदम लगातार उत्पीड़न और शिकायत से परेशान होकर इरफान तिगाला रेलवे ट्रैक पर आत्महत्या करने पहुंच गया। हालांकि, मौके पर मौजूद हम्मालों ने उसे समय रहते बचा लिया और समझाइश दी। इसके बाद सभी हम्माल एकजुट होकर प्रदर्शन पर उतर आए। हम्मालों का प्रदर्शन दोपहर 4 बजे तक जारी रहा। मौके पर पुलिस और रेलवे प्रशासन की स्थिति पर नजर बनी हुई है। ‘मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे’ इरफान तिगाला ने बताया, “हमने ठेकेदारों से कोई विवाद नहीं किया, इसके बावजूद हमें बेवजह दबाया जा रहा है। समय-समय पर आरपीएफ में झूठी शिकायतें की जाती हैं, जिससे हम मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं।”
Source link