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Khandwa News: डॉ राहुल पटेल ने लोकल 18 से कहा कि ये घरेलू उपाय दांत दर्द और परेशानी से राहत देने में मदद करते हैं लेकिन अगर कैविटी ज्यादा हो चुकी है, तो केवल नुस्खों के भरोसे न रहें. ऐसी स्थिति में फौरन डेंटिस्ट को दिखाना जरूरी है.
खंडवा. दांतों में कैविटी की समस्या आजकल हर उम्र के लोगों में तेजी से बढ़ रही है. कभी हल्की सी सेंसिटिविटी, तो कभी खाना खाते समय तेज दर्द, ये सब दांतों में सड़न के शुरुआती संकेत होते हैं. कई बार कैविटी बढ़ने पर रूट कैनाल यानी RCT तक की जरूरत पड़ जाती है लेकिन शुरुआती स्टेज में कुछ घरेलू उपाय अपनाकर दर्द और परेशानी से काफी हद तक राहत पाई जा सकती है. खानपान की गलत आदतें, ज्यादा मीठा खाना, समय पर ब्रश न करना और ओरल हाइजीन का ध्यान न रखना, ये सभी दांतों में कैविटी की बड़ी वजह मानी जाती हैं. अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो दांतों की सड़न बढ़ती चली जाती है और दर्द असहनीय हो सकता है.
नमक और सरसों के तेल से फायदा
डॉ पटेल बताते हैं कि नमक और सरसों का तेल पुराने जमाने से दांतों की देखभाल में इस्तेमाल किया जाता रहा है. नमक बैक्टीरिया को कम करता है जबकि सरसों का तेल मसूड़ों को मजबूत बनाने में मदद करता है. एक चुटकी नमक में कुछ बूंदें सरसों का तेल मिलाकर इस मिश्रण से दांतों और मसूड़ों की हल्के हाथों से मसाज करें. रोज सुबह और रात को ऐसा करने से दांतों की गंदगी कम होती है और दर्द में भी राहत मिल सकती है.
लौंग का तेल देगा तुरंत आराम
लौंग को दांत दर्द का रामबाण उपाय माना जाता है. इसमें मौजूद एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण कैविटी की वजह से होने वाले दर्द को शांत करने में मदद करते हैं. रुई के एक छोटे टुकड़े में लौंग का तेल लगाकर कैविटी वाले दांत पर रखें. इसे 10 से 15 मिनट तक रहने दें और बाद में हल्के गुनगुने पानी से कुल्ला कर लें. दिन में एक या दो बार यह उपाय करने से दर्द में काफी आराम मिल सकता है.
नीम की पत्तियों से करें कुल्ला
नीम को आयुर्वेद में प्राकृतिक एंटीसेप्टिक माना गया है. नीम की पत्तियां मुंह में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया को कम करने में मदद करती हैं और दांतों को साफ रखती हैं. नीम की कुछ पत्तियों को पानी में उबाल लें और ठंडा होने पर इस पानी से रोजाना कुल्ला करें. इससे मुंह की दुर्गंध कम होती है और कैविटी को बढ़ने से रोका जा सकता है.
डॉक्टर की जरूरी सलाह
डॉ राहुल पटेल कहते हैं कि ये घरेलू उपाय दर्द और परेशानी से राहत देने में मदद करते हैं लेकिन अगर कैविटी गहरी हो चुकी है, तो केवल नुस्खों के भरोसे न रहें. ऐसी स्थिति में तुरंत डेंटिस्ट को दिखाना जरूरी है ताकि आगे चलकर दांत निकालने या बड़ी सर्जरी की नौबत न आए. साथ ही दिन में दो बार ब्रश करना, मीठा खाने के बाद कुल्ला करना और समय-समय पर दांतों की जांच कराना बेहद जरूरी है.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.