पिता ने बुरहानपुर में बेची जमीन, बेटे ने मुंबई में मचाया धमाल! सलमान-आमिर के साथ कास्ट होंगे अली अबरार

पिता ने बुरहानपुर में बेची जमीन, बेटे ने मुंबई में मचाया धमाल! सलमान-आमिर के साथ कास्ट होंगे अली अबरार


MP News: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के आज़ाद नगर में रहने वाले मुस्ताक अली ने वो कर दिखाया, जो हर पिता दिल में सोचता है लेकिन कर बहुत कम पाते हैं. उन्होंने अपने बेटे के सपनों के आगे अपनी जमीन की कीमत नहीं देखी. जमीन बेची, बेटे को मुंबई भेजा और आज वही बेटा बड़े-बड़े कलाकारों के साथ स्क्रीन शेयर कर रहा है. मुस्ताक अली के बेटे अली अबरार आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं. छोटे शहर से निकलकर बड़े सपने देखने वाले अली ने वो मुकाम हासिल किया है, जहां पहुंचने के लिए लोग सालों संघर्ष करते हैं.

बुरहानपुर से मुंबई तक
अली अबरार का सफर आसान नहीं रहा. 2020 में उन्होंने फिल्म और टीवी की दुनिया में कदम रखा. शुरुआत में ऑडिशन, रिजेक्शन और अनजान शहर में खुद को साबित करने की जद्दोजहद रही. कई बार हिम्मत डगमगाई, लेकिन पिता का भरोसा और खुद की मेहनत उन्हें आगे बढ़ाती रही. अली ने कई थिएटर नाटकों में काम किया, जिससे उनकी एक्टिंग और निखरती चली गई. यही अनुभव आगे चलकर उनके बड़े ब्रेक की वजह बना.

अनुपमा से पहचान, बड़े सितारों के साथ काम
अली अबरार को टीवी शो अनुपमा में अहम किरदार निभाने का मौका मिला, जिससे उन्हें घर-घर पहचान मिली. इसके बाद उनके करियर ने रफ्तार पकड़ ली.
आज अली अबरार ने सलमान खान, आमिर खान और अरबाज खान जैसे बड़े नामों के साथ काम किया है. इसके साथ ही वह कई नामी कंपनियों के विज्ञापनों में भी नजर आ चुके हैं, जिनमें हाल ही में किया गया एक मोबाइल एड काफी चर्चा में रहा.

पिता बोले: मेरा सपना था, बेटे ने पूरा किया
मुस्ताक अली बताते हैं कि मेरा भी सपना था कि मैं फिल्म दुनिया में जाऊं. कई बार मुंबई गया, लेकिन मौका नहीं मिला. फिर सोचा, अगर मैं नहीं बन पाया तो मेरा बेटा जरूर बनेगा. जमीन बेची, लेकिन बेटे के सपनों से समझौता नहीं किया. आज बेटे की कामयाबी देखकर उनकी आंखों में सुकून है. उनका कहना है कि बेटे की मेहनत और खुदा की मेहरबानी से आज उनका नाम देश ही नहीं, दुनिया में भी लिया जा रहा है.

25 की उम्र में कामयाबी, आगे और बड़े सपने
महज 25 साल की उम्र में अली अबरार ने वो हासिल कर लिया है, जो बहुतों के लिए सपना होता है. हालांकि वह मानते हैं कि संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है. आने वाले समय में वह अपने शहर बुरहानपुर पर आधारित एक फिल्म बनाने की तैयारी भी कर रहे हैं, ताकि अपनी मिट्टी को बड़े पर्दे पर दिखा सकें.



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