हनुमना थाना क्षेत्र के जड़कुड़ गांव में एक क्रेशर कर्मचारी की संदिग्ध मौत के बाद लोगों में आक्रोश है। मृतक रामकृष्ण तिवारी के परिजनों ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए सुनियोजित हत्या बताया है। मंगलवार शाम पीड़ित परिवार ने एसपी कार्यालय पहुंचकर स्थानीय पुलिस पर लापरवाही और पक्षपात के गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। परिजन बोले- हत्या कर लटकाया शव मृतक के भाई सुखसागर तिवारी और बेटे प्रिंस तिवारी ने बताया कि करीब एक माह पहले रामकृष्ण का शव क्रेशर परिसर में फंदे पर लटका मिला था। उनका दावा है कि रामकृष्ण के साथ पहले मारपीट कर उनकी हत्या की गई और फिर मामले को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फंदे पर लटका दिया गया। बेटे प्रिंस तिवारी ने क्रेशर मालिक और अन्य सहयोगियों पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस पर मिलीभगत का आरोप परिजनों ने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि मृतक के शरीर पर चोटों के निशान होने के बावजूद पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनका जिक्र नहीं किया गया। साथ ही घटना के समय क्रेशर के सीसीटीवी कैमरे बंद होना और पुलिस द्वारा बयानों को सही तरीके से दर्ज न करना संदेह पैदा करता है। परिवार का आरोप है कि प्रभावशाली क्रेशर संचालक के दबाव में आकर पुलिस और संबंधित विभाग मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। मामले की नए सिरे से जांच की मांग पीड़ित परिवार ने एसपी से मांग की है कि किसी स्वतंत्र एजेंसी से पोस्टमार्टम रिपोर्ट की समीक्षा कराई जाए और मामले की नए सिरे से जांच हो। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाई है ताकि उन्हें न्याय मिल सके। फिलहाल पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का आश्वासन दिया है।
Source link