रायसेन में 12वीं बोर्ड परीक्षा 11,651 परीक्षार्थी: जूते-सॉक्स उतरवाए; प्रश्नपत्रों की लोकेशन थाने से सेंटर तक की गई ट्रैक – Raisen News

रायसेन में 12वीं बोर्ड परीक्षा 11,651 परीक्षार्थी:  जूते-सॉक्स उतरवाए; प्रश्नपत्रों की लोकेशन थाने से सेंटर तक की गई ट्रैक – Raisen News




माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं मंगलवार से शुरू हो गईं। पहले दिन अंग्रेजी विषय का पेपर आयोजित किया गया। रायसेन जिले में इस परीक्षा में कुल 11,651 परीक्षार्थी शामिल हुए। परीक्षा को नकलमुक्त कराने के लिए इस बार कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए। परीक्षार्थियों को जूते और मोजे बाहर उतारकर ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया। साथ ही प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए विशेष “ट्रैक ऐप” का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे थाने से लेकर परीक्षा केंद्र तक प्रश्नपत्रों की लोकेशन पर नजर रखी गई। सुबह 8 बजे से ही छात्र-छात्राएं परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने लगे थे। प्रवेश से पहले परीक्षार्थियों ने बोर्ड पर लगे परिचय पत्र से अपना अनुक्रमांक और रोल नंबर मिलाया। इसके बाद शिक्षकों द्वारा उनकी गहन तलाशी ली गई और बैग गेट पर ही जमा करवा लिए गए। जिला मुख्यालय स्थित शासकीय आदर्श कन्या स्कूल परीक्षा केंद्र पर शाइनिंग पब्लिक स्कूल के परीक्षार्थी उत्साह के साथ पहुंचे। कई अभिभावक भी बच्चों को परीक्षा केंद्र तक छोड़ने आए। जिले के 82 में से 9 अतिसंवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था
जिले में कुल 82 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 9 को अति संवेदनशील घोषित किया गया है। सभी केंद्रों पर मोबाइल फोन पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। केवल कलेक्टर प्रतिनिधि को ही मोबाइल रखने की अनुमति दी गई है। नकल रोकने के लिए उड़नदस्ते और फ्लाइंग स्क्वॉड लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करेंगे। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए ट्रैक ऐप के जरिए पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी जा रही है। इस ऐप से पुलिस थाने से प्रश्नपत्र निकलने, केंद्र पर बंडल खोलने, प्रश्नपत्र वितरण, परीक्षा समाप्त होने के बाद बंडल सील करने और मूल्यांकन तक की जानकारी ऑनलाइन ट्रेस की जाएगी। उड़नदस्तों की भी ऐप से निगरानी
सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत कलेक्टर प्रतिनिधि सुबह 6:30 बजे थाने पहुंचकर सेल्फी ऐप पर अपलोड करते हैं। उड़नदस्तों की निगरानी भी मोबाइल ऐप के माध्यम से की जा रही है। परीक्षा कक्ष में छात्रों की संख्या के अनुसार ही प्रश्नपत्रों के बॉक्स उपलब्ध कराए गए हैं। यदि कोई छात्र अनुपस्थित रहता है या प्रश्नपत्र बच जाते हैं, तो उन्हें उसी कक्ष में सील कर सुरक्षित रखा जाता है।



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