सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में रोहित-विराट का पे-कट, जानें सैलरी में कितना नुकसान हुआ

सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में रोहित-विराट का पे-कट, जानें सैलरी में कितना नुकसान हुआ


नई दिल्ली: बीसीसीआई के नए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से दिग्गज विराट कोहली और रोहित शर्मा को भारी नुकसान हुआ है. बीसीसीआई के नए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में कुल 30 खिलाड़ियों को जगह मिली है, जिन्हें चार ग्रेड में बांटा गया है. इससे पहले कुल चार ग्रेड होते थे, लेकिन इस बार ग्रेड ए प्लस को खत्म कर दिया. ए प्लस में विराट कोहली और रोहित शर्मा भी शामिल थे, लेकिन अब उन्हें ग्रेड बी में रखा गया है. ऐसे में साफ है कि ग्रेड बी में आने से विराट कोहली और रोहित शर्मा की सैलरी भी कम होगी.

पिछले सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट के ग्रेड में ए प्लस में होने के कारण इन दोनों खिलाड़ियों को सैलरी के तौर पर सालाना 7 करोड़ रुपए बीसीसीआई से मिलते थे. वहीं पिछले कॉन्ट्रैक्ट की स्लैब के मुताबिक विराट और रोहित की सैलरी में 4 करोड़ की कौटती होगी. क्योंकि ग्रेड बी में शामिल खिलाड़ी की सैलरी 3 करोड़ रुपए थी. हालांकि, बीसीसीआई ने नए कॉन्ट्रैक्ट के फीस का ऐलान नहीं किया है, लेकिन माना ये जा रहा है कि इस बार ग्रेड बी के सैलरी में इजाफा किया जाएगा, लेकिन जो भी हो ए प्लस ग्रेड से बी में आने के बाद इन दोनों दिग्गजों को करोड़ों का नुकसान तो जरूर हुआ है.

क्यों ग्रेड बी में आए विराट और रोहित शर्मा

विराट कोहली और रोहित शर्मा ने टी20 और टेस्ट फॉर्मेट से संन्यास ले चुके हैं. ऐसे में ये दोनों खिलाड़ी सिर्फ वनडे के लिए उपलब्ध हैं. सिर्फ एक ही फॉर्मेट में खेलने की वजह इन दोनों खिलाड़ियों को ग्रेड बी में रखा गया है. सिर्फ रोहित और विराट ही नहीं, टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव भी लगभग एक ही फॉर्मेट में खेलते हैं, जिसके कारण उन्हें भी ग्रेड बी में ही रखा गया है.

बीसीसीआई के नए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में शामिल खिलाड़ी-

ग्रेड ए: शुभमन गिल, जसप्रीत बुमराह, रविंद्र जडेजा

ग्रेड बी: विराट कोहली, रोहित शर्मा, वॉशिंगटन सुंदर, केएल राहुल, मोहम्मद सिराज, हार्दिक पंड्या, ऋषभ पंत, कुलदीप यादव, यशस्वी जयसवाल, सूर्यकुमार यादव, श्रेयस अय्यर.

ग्रेड सी: अक्षर पटेल, तिलक वर्मा, रिंकू सिंह, शिवम दुबे, संजू सैमसन, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, आकाश दीप, ध्रुव जुरेल, हर्षित राणा, वरुण चक्रवर्ती, नितीश रेड्डी, अभिषेक शर्मा, साई सुदर्शन, रवि बिश्नोई, रुतुराज गायकवाड़.



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