हर माह या सालाना खिलाड़ियों को कैसे मिलती है सैलरी, क्या होता है ग्रेड सिस्टम?

हर माह या सालाना खिलाड़ियों को कैसे मिलती है सैलरी, क्या होता है ग्रेड सिस्टम?


बीसीसीआई ने नए सेंट्रेल कॉन्ट्रैक्ट का ऐलान कर दिया है. इसमें सबसे ज्यादा चर्चा रोहित शर्मा और विराट कोहली को लेकर है, जिन्हें अब B ग्रेड में डिमोट किया गया है. अब तक ये खिलाड़ी A+ ग्रेड में थे, बीसीआई में अब इसे खत्म कर दिया है और टॉप ग्रेड A में सिर्फ तीन खिलाड़ियों को ही जगह दी है. इनमें शुभमन गिल, रविंद्र जडेजा और जसप्रीत बुमराह को जगह दी गई है.

बोर्ड ऑफ कंट्रोल क्रिकेट इन इंडिया खिलाड़ियों के साथ एक सेंट्रल कांट्रैक्ट साइन करता है, 2003 में इसे शुरू किया गया था, ताकि भारतीय क्रिकेट का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों को आर्थिक सुरक्षा दी जा सके. उनका वर्कलोड मैनेज हो और ऐसी क्रिकेट लीग से दूरी रहे, जो फजिकली थका देने वाली हैं.

ग्रेड A : बीसीसीआई ने सेंट्रल कांट्रेक्ट के 4 ग्रेड तैयार किए थे, हालांकि इस साल A+ ग्रेड को खत्म कर दिया गया है, जिसमें भारत की ओर से हर क्रिकेट फॉर्मेट में शानदार प्रदर्शन वाले खिलाड़ियों को शामिल किया जाता था, इसमें कुछ एक ही खिलाड़ी शामिल होते थे, अब इसकी जगह A ग्रेड को ही सबसे ऊपर माना गया है, जिसमें शुभमन गिल, रविंद्र जडेजा और जसप्रीत बुमराह को शामिल किया गया है.

ग्रेड B : इस ग्रेड में ऐसे खिलाड़ी शामिल किए जाते हैं जो प्लेइंग इलेवन में नियमित रूप से शामिल होते हैं, इनमें वो खिलाड़ी भी हो सकते हैं जो सिर्फ एक या दो फॉर्मेट में ही खेल रहे हैं, जैसा कि विराट कोहली और रोहित शर्मा के केस में हुआ. दोनों ही खिलाड़ी T20 और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं और सिर्फ वनडे किक्रेट खेल रहे हैं. इस ग्रेड में इस बार वाशिंगटन सुंदर, केएल राहुल, मो. सिराज, हार्दिक पांड्या, रिषभ पंत, कुलदीप यादव, यशस्वी जायसवाल, सूर्य कुमार यादव और श्रेयस अय्यर को जगह दी गई है

ग्रेड C : इसमें उभरती प्रतिभाओं को जगह दी जाती है, ऐसे खिलाड़ी जिनका चयन टीम में नियमित आधार पर होता है. इस बार इस ग्रेड में अक्षर पटेल, संजू सैमसन, ध्रुव जुरैल, नीतीष रेड्डी, रितुराज गायकवाड़, तिलक वर्मा, अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा, अभिषेक शर्मा, रिंकू सिंह, प्रसिद्ध, वरुण चक्रवर्ती, साई सुदर्शन, शिवम दुबे, आकाश दीप और रवि विश्नोई को जगह दी गई है.

बीसीसीआई की चयन समिति और मैनेजमेंट खिलाड़ियों को कसौटी पर परखते हैं, इसमें उनका प्रदर्शन, मैच जितवाने वाले का योगदान, सभी फॉर्मेट का स्टैटिक्स यानी अगर किसी खिलाड़ी का टेस्ट में औसत 25 है तो उससे ज्यादा के औसत वाले खिलाड़ी को अपर ग्रेड में शामिल किया जाएगा. मैच के उपलब्ध रहने और मैचों की संख्या के आधार पर ग्रेड को तय किया जाता है. कांट्रेक्ट से पहले समिति इस बात का भी रिव्यू करती है कि खिलाड़ी बीसीसीआई के प्रोटोकॉल का पालन कर रहा है या नहीं.

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