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super over icc rule: रहमानुल्लाह गुरबाज के साहसिक खेल के बावजूद अफगानिस्तान को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रोमांच की पराकाष्ठा तक पहुंचे मैच में दूसरे सुपर ओवर में हार का सामना करना पड़ा.इस हार से राशिद खान की कप्तानी वाली अफगानिस्तान की टीम का सुपर आठ में पहुंचने की उम्मीदों को करारा झटका लगा.सांस रोक देने वाले इस मैच में अगर दूसरा सुपर ओवर भी टाई हो जाता, फिर क्या होता. आईसीसी का नियम क्या है. आइए जानते हैं.
दूसरा सुपर ओवर भी टाई हो जाता तो फिर क्या होता.
नई दिल्ली. टी20 वर्ल्ड कप 2026 में दक्षिण अफ्रीका और अफगानिस्तान के बीच जो हुआ, उसने ‘थ्रिलर’ शब्द की परिभाषा ही बदल दी. नरेंद्र मोदी स्टेडियम में दर्शकों की दहाड़ और करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों की धड़कनों के बीच एक ऐसा मुकाबला खेला गया, जहां 40 ओवर का खेल कम पड़ गया और फैसला डबल सुपर ओवर तक जा पहुंचा. अंतिम गेंद तक चले इस महासंग्राम ने हर किसी के मन में एक बड़ा सवाल छोड़ दिया. अगर दूसरा सुपर ओवर भी टाई हो जाता, तो क्या होता? क्या बाउंड्री काउंट का पुराना विवादित नियम वापस आता, या फिर मैदान पर ‘सडन डेथ’ का अंतहीन सिलसिला शुरू होता? आइए जानते हैं आईसीसी के उस दिलचस्प नियम के बारे में, जो इस तरह के ‘अनंत मुकाबले’ को अंजाम तक पहुंचाने के लिए बनाया गया है.
दक्षिण अफ्रीका और अफगानिस्तान के बीच दूसरे सुपर ओवर के बाद भी स्कोर बराबर रहता, तो आईसीसी के नियम बहुत साफ है. आईसीसी के वर्तमान नियमों के मुताबिक, मैच का विजेता घोषित होने तक सुपर ओवर का सिलसिला जारी रहता है. यानी दूसरे के बाद तीसरा, तीसरे के बाद चौथा सुपर ओवर तब तक खेला जाता जब तक कोई एक टीम जीत नहीं जाती. जो गेंदबाज पिछले सुपर ओवर (दूसरे) में गेंदबाजी कर चुका होता है, वह अगले (तीसरे) सुपर ओवर में गेंदबाजी नहीं कर सकता है. साथ ही जो बल्लेबाज पिछले सुपर ओवर में ‘आउट’ हो चुके होते हैं, वह अगले सुपर ओवर में फिर से बल्लेबाजी के लिए नहीं आ सकते.
दूसरा सुपर ओवर भी टाई हो जाता तो फिर क्या होता.
क्रिकेट की दुनिया में सुपर ओवर ‘सडन डेथ’ लम्हा है
क्रिकेट की दुनिया में सुपर ओवर वह ‘सडन डेथ’ लम्हा है, जो किसी भी मैच के रोमांच को चरम पर ले जाता है.आसान शब्दों में कहें तो, जब लिमिटेड ओवर (T20 या वनडे) के मैच में दोनों टीमों का स्कोर अंत में बिल्कुल बराबर हो जाता है, तो मैच का फैसला करने के लिए एक-एक ओवर का खेल खेला जाता है. इसमें हर टीम को सिर्फ 3 बल्लेबाज और 1 गेंदबाज चुनने की अनुमति होती है. दो विकेट गिरते ही पारी समाप्त मान ली जाती है.
अफगानिस्तान क्रिकेट टीम
सुपर ओवर क कब और क्यों हुई शुरुआत
आईसीसी ने सुपर ओवर की शुरुआत साल 2008 में की थी. इससे पहले, मैच टाई होने पर ‘बॉल-आउट’ (Bowl-out) का नियम था (जैसे फुटबॉल में पेनल्टी शूटआउट), जिसमें गेंदबाज बिना बल्लेबाज के सीधे स्टंप्स पर गेंद मारते थे. 2007 के टी20 वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान के बीच प्रसिद्ध ‘बॉल-आउट’ के बाद, आईसीसी ने महसूस किया कि खेल का असली रोमांच बल्ले और गेंद की जंग में है, न कि केवल स्टंप्स हिट करने में.
न्यूजीलैंड और वेस्टइंडीज के बीच खेला गया पहला सुपर ओवर
पहला इंटरनेशनल सुपर ओवर दिसंबर 2008 में न्यूजीलैंड और वेस्टइंडीज के बीच खेला गया था. 2019 के वनडे वर्ल्ड कप फाइनल के बाद आईसीसी ने अपने नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए ‘बाउंड्री काउंट’ नियम को हटा दिया और अब नियम यह है कि जब तक कोई टीम स्पष्ट रूप से जीत नहीं जाती, तब तक सुपर ओवर का सिलसिला जारी रहेगा.
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करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें