नवग्रह पीठ के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव मंगलवार को हुए हादसे के बाद प्रशासनिक अमला और पुलिसबल मुस्तेद है। आला अफसर सुबह से शहर में बनाए गए सुरक्षा पाइंट पर मौजूद हैं। आज सीहोर वाले कथावाचक प्रदीप मिश्रा की कथा का आयोजन किया जा रहा है। ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान, आईजी अरविंद सक्सेना और डीआईजी अमित सांघी सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी डबरा में मौजूद हैं। क्षेत्र में 1500 से अधिक पुलिस बल तैनात किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ अस्पतालों, फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग की भी समुचित व्यवस्था है। पंडाल में 50,000 से अधिक लोगों के बैठने की क्षमता है, जबकि 250 से अधिक शौचालयों का निर्माण किया गया है। वाहन पार्किंग स्थल कथा स्थल से 500 मीटर के दायरे में बनाए गए हैं, जहां से श्रद्धालु पैदल कथा स्थल तक पहुंच रहे हैं। महोत्सव में लगातार भंडारे का आयोजन भी जारी है। चिकित्सा विभाग अलर्ट मोड पर
मंगलवार को हुई कैजुअल्टी के बाद स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है। अस्पताल में चिकित्सकों की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। जो 24 घंटे ड्यूटी देंगे और वरिष्ठ अधिकारी उनकी मॉनिटरिंग करेंगे। कथा स्थल पर दो अस्पताल बनाए गए हैं। जिनमें से एक मुख्य अस्पताल कथा स्थल के समीप रखा गया है। जिसमें 10 स्वास्थ्य कर्मचारी और चिकित्सक सेवाएं देंगे तो दूसरा अस्पताल मेन गेट पर बनाया गया है। जिसमें पांच चिकित्सा सेवाएं देंगे। दोनों जगह एक-एक एंबुलेंस रखी गई है। वहीं ग्रीनहाउस यानी यूं कहें वीवीआईपी लोगों के पास भी एक एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है। जिसमें सारे चिकित्सीय उपकरण मौजूद है। क्राउड मैनेजमेंट की यह व्यवस्था
बात करें क्राउड मैनेजमेंट की तो प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है शुगर मिल चौराहे से ही लोगों की एंट्री बंद कर दी गई है।जहां से लोग पैदल आ रहे हैं तो दूसरी ओर एक बड़ी पार्किंग मंडी प्रांगण में बनाई गई है।जहां से लोग सीधे कथा स्थल पहुंच रहे हैं।वहीं कथा परिसर के बिल्कुल समीप वीआईपी पार्किंग रखी गई है। जिसमें पास वाले व्यक्ति और वीआईपी लोग एंट्री कर पा रहे हैं तो वहीं ठाकुर बाबा रोड पर राम वाटिका के पास पार्किंग की व्यवस्था रखी है।इस प्रकार तीन जगह बड़ी पार्किंग बनाई गई है।यह सभी 500 मीटर के दायरें में है।जिससे लोग अपने वाहन रखकर पैदल आसानी से जा पा रहे हैं। कथा स्थल पर लोगों की भीड़ लगातार बढ़ेगी इस बात का भी पूरा ख्याल रखा गया है।लोगों को जगह-जगह डिवाइड किया गया है ताकि अलग-अलग रूट से लोग कथा स्थल पहुंचे और एक स्थान पर भीड़ न बढ़े। भोजन के लिए चल रहा भंडारा कथा सुनने आए लोगों के लिए सुबह 9:00 बजे से ही भंडारे का सिलसिला शुरू हो गया है।जिनमें वह लोग भी भंडारा ग्रहण कर रहे हैं जो यहां आकर रुके हुए हैं तो उन लोगों ने भी भंडारे की प्रसादी ग्रहण की है जो कथा सुनने आ रहे हैं ल।सुबह 9:00 बजे से कथा शुरू होने से दो बजे तक भंडारे की आयोजन किया जाना निश्चित किया गया है।जिसमें जितने लोग भोजन ग्रहण कर सकते हो उनके लिए पूरी व्यवस्था की गई है भंडारे का यह क्रम 20 तारीख तक निरंतर जारी रहेगा। ऐसा है पंडाल पंडाल की बात करें तो पंडाल का साइज़ अलग-अलग डिवाइड किया गया है मुख्य पंडाल 132 / 900 का है तो साइड वाला पंडाल 100 बाय 500 का है।जिसमें 50000 से अधिक लोग बड़ी आसानी से बैठ सकते हैं उसके बावजूद भी आगे तक काफी बड़ी संख्या में या यूं कहें कई बीघा जमीन खाली पड़ी है,जिसे समतल कर बैठने लायक़ बना दिया गया है।जिससे लोग वहां खड़े होकर या बैठकर भी कथा सुन सकते हैं। कथा पंडाल की तीन तस्वीरें देखिए.. एक दिन पहले ही पहुंचे हजारों लोग मंगलवार दोपहर से ही हजारों लोग कथा स्थल पहुंच गए थे जहां पंडाल में ही उनके रुकने की व्यवस्था है। ढाई सौ शौचालय बनाए गए हैं।जहां पानी के भी पूरे इंतजाम किए गए हैं। व्हीआईपी सीधे पहुंचेंगे कथा स्थल यदि बात व्हीआईपी और व्हीव्हीआईपी लोगों की की जाए।जिनके आने की काफी संभावना है इसके लिए कॉलेज में हेलीपैड बनाया गया है।वहीं से मंडी प्रांगण और मंडी प्रांगण से सीधे कथा स्थल के पीछे बनाए गए ग्रीन हाउस में गाड़ी पहुंचेगी।जिनके लिए अलग से पुलिस बल भी तैनात है जो सिर्फ व्हीआईपी मूवमेंट में आने वाले लोगों की व्यवस्था देखेगा। कथा स्थल का मार्ग नो व्हीकल जोन
तीन जगह पार्किंग की व्यवस्था के साथ पूरे एरिया को नो व्हीकल जोन बनाया गया है। महिलाएं पुरुष और बच्चे पैदल ही कथा स्थल पहुंच रहे हैं। यह व्यवस्था इसलिए भी बनाई गई है की सारी पार्किंग पास में है और लोग आसानी से कथा स्थल पहुंच सकते हैं।पैदल लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।इसलिए कथा का समय भी दोपहर 2:00 बजे से 5:00 बजे रखा गया है ताकि लोग आसानी से धीरे-धीरे आते जाएं और पंडाल में बैठते जाएं। आयोजन समिति ने लगाये 300 वॉलिंटियर कथा स्थल पर किसी प्रकार की अव्यवस्था ना हो इसके लिए 300 वॉलिंटियर्स तैनात किए गए हैं।जिनमें एक सैकड़ा महिलाएं शामिल है तो वहीं दो सैंकड़ा के लगभग कार्यकर्ताओं को भी व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।जिनमें किसी की खाने पर ड्यूटी है तो किसी की पार्किंग पर किसी को व्हीआईपी लोगों को रिसीव करना है तो कई यज्ञशाला की व्यवस्था देखेंगे।
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