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आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मैच से पहले सारा विवाद बांग्लादेश की वजह से हुआ. मामला सुलझने के बाद अब बांग्लादेश के खेल सलाहकार आसिफ नज़रुल ने बयान देकर बताया कि टूर्नामेंट के बहिष्कार का फैसला बोर्ड और खिलाड़ियों का था. इसमें बांग्लादेश सरकार की भूमिका कम थी.
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड और खिलाड़ॉियों ने लिया था टी20 वर्ल्ड कप के बहिष्कार का फैसला
नई दिल्ली. भारत और पाकिस्तान के बीच खेले जाने वाले आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप मुकाबले में एक नया मोड़ आ गया है. जिस बांग्लादेश के टूर्नामेंट से बाहर होने की वजह से पाकिस्तान ने भारत के साथ मैच खेलने से मना किया था उसमें बांग्लादेश के सरकार की कोई भूमिका नही थी. उनके खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने अपने पहले दिए गए बयान से पूरी तरह यू-टर्न ले लिया है. उन्होंने दावा किया था कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 का बहिष्कार करने का फैसला बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) और खिलाड़ियों का था.
आसिफ ने 10 फरवरी को पत्रकारों से कहा था. “पछतावे का कोई सवाल ही नहीं है. यह फैसला बीसीबी और खिलाड़ियों ने लिया. उन्होंने देश की क्रिकेट की सुरक्षा, लोगों की सुरक्षा और राष्ट्रीय सम्मान की रक्षा के लिए त्याग किया.”
सरकार ने बीसीबी को आईसीसी को पत्र लिखने का निर्देश दिया था, जिसमें भारत से उनके मैचों को बाहर शिफ्ट करने की मांग की गई थी. बांग्लादेश में यह विवाद तब शुरू हुआ जब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने कोलकाता नाइट राइडर्स को अपने आईपीएल 2026 टीम से मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने का निर्देश दिया. बांग्लादेश सरकार ने देश के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को आईपीएल के प्रसारण को भी निलंबित करने को कहा था.
जहां खिलाड़ी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में खेलना चाहते थे, वहीं नज़रुल ने कहा था कि यह पूरी तरह सरकार का फैसला है. आसिफ ने 22 जनवरी को कहा था, “बैठक का उद्देश्य सिर्फ खिलाड़ियों को समझाना था कि सरकार ने यह फैसला क्यों लिया. उन्हें इसका संदर्भ देना था. मुझे लगता है कि वे समझ गए. यही उद्देश्य था और कुछ नहीं. मुझे लगता है कि हमें आईसीसी से न्याय नहीं मिला. हम वर्ल्ड कप में खेलेंगे या नहीं, यह पूरी तरह सरकार का फैसला है.”
नजरुल ने क्या कहा
10 फरवरी को लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में आईसीसी और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के साथ बैठक के बाद यह तय हुआ कि बीसीबी पर कोई प्रतिबंध नहीं लगेगा. इसके अलावा, उन्हें अगले चक्र में आईसीसी इवेंट की मेजबानी का अधिकार मिलेगा. नज़रुल इसे बोर्ड की ‘शानदार उपलब्धि’ मानते हैं. आसिफ ने कहा, “आईसीसी ने कहा है कि कोई प्रतिबंध नहीं होगा और बांग्लादेश को अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी के लिए विचार किया जाएगा. यह एक शानदार उपलब्धि है. मैं बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को सलाम करता हूं.”
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15 साल से ज्यादा वक्त से खेल पत्रकारिता से सक्रिय. Etv भारत, ZEE न्यूज की क्रिकेट वेबसाइट में काम किया. दैनिक जागरण वेबसाइट में स्पोर्ट्स हेड रहा. ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, क्रिकेट और फुटबॉल वर्ल्ड कप कवर किया. अक्टूब…और पढ़ें