भिंड में फरवरी के तीसरे सप्ताह में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। सुबह और शाम हल्की ठंड बनी हुई है, लेकिन दोपहर में तेज धूप लोगों को गर्मी का अहसास करा रही है। बुधवार को अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 12 डिग्री दर्ज किया गया। दिन और रात के तापमान में बढ़ते अंतर से आमजन की दिनचर्या और सेहत दोनों प्रभावित हो रहे हैं। सुबह-शाम गुलाबी सर्दी शहर में दिन की शुरुआत अब भी हल्की ठंड के साथ हो रही है। सुबह टहलने निकलने वाले लोग स्वेटर और जैकेट में नजर आ रहे हैं। शाम ढलते ही ठंडक फिर बढ़ जाती है, जिससे लोगों को गरम कपड़ों की जरूरत पड़ रही है। दोपहर में चुभने लगी धूप दोपहर 12 बजे के बाद मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल जा रहा है। तेज और चटक धूप के कारण लोगों को गर्मी महसूस हो रही है। कई लोग धूप से बचने के लिए छांव तलाशते दिखाई दे रहे हैं। बाजारों में कम हुई हलचल दोपहर के समय बाजार और सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ कम नजर आ रही है। लोग जरूरी काम निपटाकर जल्दी घर लौटने की कोशिश कर रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार दिन और रात के तापमान में करीब 15 डिग्री तक का अंतर बन रहा है। यही उतार-चढ़ाव लोगों की सेहत पर असर डाल रहा है।
साफ आसमान, हल्की हवा फिलहाल आसमान पूरी तरह साफ है। सर्द हवाएं रुक-रुक कर 5 से 8 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हैं, जिससे सुबह-शाम ठंड बनी हुई है। डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह के बदलते मौसम में सर्दी-जुकाम, खांसी और वायरल बुखार के मरीज बढ़ सकते हैं। बच्चों और बुजुर्गों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। कपड़ों को लेकर असमंजस लोग समझ नहीं पा रहे कि सर्दी के कपड़े पहनें या हल्के। सुबह गरम कपड़े जरूरी लगते हैं, जबकि दोपहर में वही कपड़े भारी पड़ रहे हैं। मौसम में बदलाव का असर खेती पर भी पड़ सकता है। किसान दिन में बढ़ती गर्मी को लेकर चिंता जता रहे हैं। गेहूं की फसल पर असर की आशंका विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तापमान तेजी से बढ़ता है तो गेहूं के दानों के भराव पर असर पड़ सकता है। इससे उत्पादन प्रभावित होने की संभावना रहती है। तापमान में बढ़ोतरी जारी रही तो सरसों की फसल समय से पहले पकने की आशंका है, जिससे किसानों की योजना गड़बड़ा सकती है।
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