विशेष समुदाय के मतदाताओं पर सामूहिक आपत्तियां: नरसिंहपुर में वोटर लिस्ट से नाम हटाने के प्रयास पर कांग्रेस ने जांच मांगी – Narsinghpur News

विशेष समुदाय के मतदाताओं पर सामूहिक आपत्तियां:  नरसिंहपुर में वोटर लिस्ट से नाम हटाने के प्रयास पर कांग्रेस ने जांच मांगी – Narsinghpur News




नरसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र सहित पूरे जिले में मतदाता सूची से नाम हटाने के प्रयासों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा से जुड़े कुछ नेताओं द्वारा फॉर्म-7 के माध्यम से एक विशेष समुदाय के मतदाताओं के खिलाफ सामूहिक और असत्य आपत्तियां दर्ज की जा रही हैं, ताकि उनके नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा सकें। गुरुवार को कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुनीता पटेल के नेतृत्व में लगभग 100 कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर के नाम डिप्टी कलेक्टर देवंती परते को ज्ञापन सौंपकर इस मामले में कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में कांग्रेस नेताओं ने बताया कि पार्टी के बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) के माध्यम से उन्हें जानकारी मिली है। इसके अनुसार, भाजपा से जुड़े कुछ व्यक्ति, जो संबंधित क्षेत्रों के अधिकृत बीएलए भी नहीं हैं, सामूहिक रूप से फॉर्म-7 के जरिए आपत्तियां दर्ज करा रहे हैं। कांग्रेस का दावा है कि जिन मतदाताओं पर आपत्ति लगाई गई है, उनके नाम वर्ष 2003 से मतदाता सूची में दर्ज हैं। पार्टी ने यह भी बताया कि हाल ही में निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार हुए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और बीएलओ सर्वे में भौतिक सत्यापन के दौरान अधिकांश लोग स्थायी निवासी पाए गए हैं। इससे आपत्तियों की सत्यता पर सवाल उठते हैं। इन वार्डों से दर्ज हुईं शिकायतें कांग्रेस के अनुसार, नरसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र के राम वार्ड, तिलक बाई पटेल वार्ड, गांधी वार्ड, शिवाजी वार्ड, जाजाद वार्ड, महाजनी वार्ड, शंकर वार्ड, नरसिंह वार्ड सहित रांकई, रातीकरार, पिपरिया लिंगा और करेली क्षेत्र के कई वार्डों में इस तरह की सामूहिक आपत्तियां दर्ज की गई हैं। पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने और एक विशेष समुदाय को लक्षित करने का प्रयास बताया है। ज्ञापन में कांग्रेस ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि आपत्तियां असत्य या भेदभावपूर्ण पाई जाती हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। कांग्रेस ने इस मुद्दे को निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता से जुड़ा एक गंभीर विषय करार दिया है।



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