Sagar News: सागर में यूं तो भगवान भोलेनाथ के अनेक मंदिर हैं, लेकिन रहली रोड पर स्थित पटनेश्वर धाम की बात ही निराली है. इस मंदिर को ‘सरकारी नौकरी लगाने वाले मंदिर’ के रूप में जाना जाता है. इस समय पुलिस की तैयारी करने वाले युवक बड़ी संख्या में मंदिर तक पहुंच कर भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना कर रहे हैं. आशीर्वाद मांग रहे हैं कि उनकी मुराद पूरी हो जाए. मान्यता है कि यहां पर जो भी भक्त सच्चे मन से सेवा करता है, उसकी प्रार्थना स्वीकार कर ली जाती है. वहीं, महाशिवरात्रि पर होने वाले भव्य शिव विवाह बरात की तैयारियां जोर-जोर से की जा रही हैं.
माना जाता है कि मंदिर में विराजमान भोलेनाथ हर भक्त की इच्छा पूरी करते हैं. खासतौर पर जो लोग इस मंदिर में आकर झाड़ू लगाते हैं, साफ सफाई करते हैं और अन्य सेवा करते हैं, उनकी सरकारी नौकरी लगना तय माना जाता है. ऐसा 10-20 लोगों के साथ नहीं हुआ. सैकड़ों लोग इसके गवाह हैं. इस क्षेत्र के दर्जनों गांव के युवा सरकारी नौकरियों में सेवाएं दे रहे हैं, जो कभी इस मंदिर से किसी न किसी रूप से सेवाभाव से जुड़े थे. यही वजह है कि सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले युवा इस सिद्ध क्षेत्र में जरूर आते हैं. इतना ही नहीं, बच्चों के विवाह की मानता पूरी होन के भी उदाहरण हैं.
समाधि से राम-राम की आवाज
मंदिर में विराजमान भगवान भोलेनाथ के शिवलिंग को स्वयंभू कहा जाता है, जो करीब हजार साल पुराना बताया जाता है. 300 साल पहले मराठा रानी लक्ष्मीबाई खेर के द्वारा यहां पर मंदिर और कुआं का जीर्णोद्धार कराया गया था. यहां पर राम-राम बाबा की कुटिया भी है, जिनके समाधि लेने के बाद कभी-कभी वहां से राम-राम की आवाज सुनाई देती है.
महाशिवरात्रि की तैयारी पूरी
शिव समिति के प्रभात चौरसिया ने बताया, महाशिवरात्रि पर सुबह 4:00 बजे से ही अलग-अलग तरह के आयोजन शुरू हो जाएंगे. दोपहर में बारात निकाली जाएगी. इसके लिए 10 डीजे बुलाए गए हैं. भंडारा प्रसादी की व्यवस्था है. बुंदेली कलाकार भी आ रहे हैं. हल्दी की रस्म से लेकर भंवर और पैर पखारे तक होगी.
मेरे घर में पांच लोग सरकारी नौकरी में…
रज्जन चौबे ने बताया, यहां केवल हमारे गांव के लोगों को ही नहीं, बल्कि आसपास के दर्जन भर से अधिक गांव के युवा मंदिर आते थे, भगवान के दर्शन करते थे और मन से सेवा करते थे, वे सरकारी नौकरी लगने के बाद भी यहां पर नियमित आते हैं. चंद्रप्रभा चौबे बताती हैं, भोलेनाथ की कृपा से ही उनके परिवार में आज पांच लोग सरकारी नौकरी कर रहे हैं. उसमें वह और उनके पति शिक्षक हैं. उनकी तीन बेटियां हैं, वह भी शिक्षक हैं. यह सिर्फ हमारे परिवार तक नहीं है. पूरे गांव में लगभग हर घर से कोई ना कोई सरकारी नौकरी में है.
सागर से 24 km दूर
सागर से करीब 24 km की दूरी पर या प्रसिद्ध पटनेश्वर धाम मंदिर है. यहां पर हर साल भगवान भोलेनाथ का विवाह धूमधाम से रीति रिवाज के साथ संपन्न कराया जाता है. इस शिव विवाह उत्सव में आसपास के दर्जनों गांव के लोग शामिल होने के लिए आते हैं, जिसमें हरि मड़वा से लेकर तेल और हल्दी तक लगाई जाती है. फिर भगवान भोलेनाथ को दूल्हा बनाया जाता है. समिति द्वारा तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. भव्य आयोजन किया जाएगा.