Mango Farming: सिर्फ पौधे लगाने से नहीं मिलेगा मुनाफा, तने पर लगाएं ये खास पेस्ट, वरना हो सकता भारी नुकसान

Mango Farming: सिर्फ पौधे लगाने से नहीं मिलेगा मुनाफा, तने पर लगाएं ये खास पेस्ट, वरना हो सकता भारी नुकसान


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Mango Farming: सिर्फ पौधे लगाने से नहीं मिलेगा मुनाफा, तने पर लगाएं ये खास पेस

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Mango Farming: आम की बागवानी में बेहतर उत्पादन के लिए पेड़ों की सही देखभाल बेहद जरूरी है. विशेषज्ञों के अनुसार, तनों पर बोर्ड पेस्ट का लेप लगा दें. इससे फफूंदी, कीट और सड़न से बचाव होगा. नियमित तना लेपन से पेड़ों की छाल मजबूत होती है और दीमक व जमीन से चढ़ने वाले कीटों से सुरक्षा मिलती है. मानसून से पहले यह लेपन करना फायदेमंद माना जाता है.

शिवपुरी. देशभर में आम को फलों का राजा कहा जाता है और इसकी मांग राष्ट्रीय स्तर पर हर साल बढ़ती जा रही है. ऐसे में आम की बागवानी किसानों के लिए मुनाफे का बड़ा जरिया बन चुकी है, लेकिन आम के बगीचे से अच्छी पैदावार लेने के लिए सिर्फ पौधे लगा देना ही काफी नहीं होता, बल्कि उनकी सही देखभाल भी बेहद जरूरी है. खासकर सर्दी और बरसात के मौसम में यदि पेड़ों की सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया गया तो फफूंदी, कीट और तने के सड़ने जैसी समस्याएं बड़ा नुकसान पहुंचा सकती हैं.

बागवानी विशेषज्ञों के अनुसार आम के पेड़ों पर बोर्ड पेस्ट (तना लेपन) करना एक बेहद कारगर उपाय है. यह पेस्ट मुख्य रूप से चूना और नीला थोथा (कॉपर सल्फेट) मिलाकर तैयार किया जाता है. कई किसान इसमें थोड़ा सा पानी मिलाकर गाढ़ा घोल बनाते हैं और पेड़ के तने पर जमीन से लगभग 2 से 3 फीट ऊंचाई तक इसका लेप करते हैं.

चूना पेड़ की छाल को मजबूत बनाता
शिवपुरी के प्रगतिशील किसान प्रेम शर्मा, जो पिछले 15 वर्षों से आम की बागवानी कर रहे हैं बताते हैं कि बोर्ड पेस्ट लगाने से पेड़ों को कई तरह की बीमारियों से बचाव मिलता है. उनका कहना है कि पहले उनके बगीचे में तने पर कीड़े लगने और छाल सड़ने की समस्या आती थी, लेकिन नियमित रूप से तना लेपन करने के बाद यह परेशानी काफी हद तक खत्म हो गई. विशेषज्ञ बताते हैं कि चूना पेड़ की छाल को मजबूत बनाता है और कीटों को दूर रखने में मदद करता है, जबकि नीला थोथा फफूंदी और बैक्टीरिया के संक्रमण को रोकने में प्रभावी होता है. बरसात के मौसम में जब नमी बढ़ जाती है, तब फफूंद तेजी से फैलती है और पेड़ के तने को नुकसान पहुंचा सकती है. ऐसे में बोर्ड पेस्ट एक सुरक्षात्मक परत का काम करता है.

इसके अलावा यह लेपन पेड़ों को दीमक और अन्य जमीन से चढ़ने वाले कीटों से भी बचाता है. कई बार देखा गया है कि बिना सुरक्षा के तने में दरारें पड़ जाती हैं, जिससे अंदर सड़न शुरू हो जाती है. समय रहते यदि बोर्ड पेस्ट लगा दिया जाए तो यह खतरा काफी कम हो जाता है. राष्ट्रीय स्तर पर आम की खेती करने वाले किसानों को बागवानी विभाग भी तना लेपन की सलाह देता है. विशेषज्ञों का कहना है कि साल में कम से कम एक बार, विशेषकर मानसून से पहले, यह कार्य जरूर करना चाहिए. यदि पेड़ पुराने हैं या पहले से किसी बीमारी के लक्षण दिख रहे हैं, तो दो बार भी लेपन किया जा सकता है.

इन समस्याओं से मिलेगी राहत
हालांकि ध्यान रखने वाली बात यह है कि पेस्ट बनाते समय संतुलित मात्रा का उपयोग किया जाए. अत्यधिक नीला थोथा पेड़ के लिए हानिकारक हो सकता है, इसलिए बागवानी विभाग की सलाह के अनुसार ही घोल तैयार करना चाहिए. आम की बागवानी में छोटी-छोटी सावधानियां ही बड़े नुकसान से बचाती हैं. यदि किसान समय रहते तनों पर बोर्ड पेस्ट का लेप कर लें तो फफूंदी, कीट और सड़न जैसी समस्याओं से राहत मिल सकती है और बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है.

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Dallu Slathia

Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 7 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across …और पढ़ें



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