बड़वानी शहर के कोतवाली थाने में शुक्रवार को एक परिवार ने पुलिस पर मारपीट के गंभीर आरोप लगाते हुए थाना परिसर में ही धरना दे दिया। पनवाड़ी मोहल्ला निवासी पीड़ित परिवार का आरोप है कि चोरी की पूछताछ के बहाने पुलिस ने उनके बहू, बेटे और बेटी की बेरहमी से पिटाई की है, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। फ्रैक्चर और चोट के बाद थाने में प्रदर्शन पीड़ित परिवार के सदस्य रुकड़िया ने बताया कि उनकी बहू पर चोरी का गलत आरोप लगाया गया था। पूछताछ के नाम पर बुलाकर चार पुरुष और दो महिला पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की। परिजनों का आरोप है कि पिटाई से एक सदस्य के हाथ में फ्रैक्चर हो गया है, जबकि अन्य को घुटने, कमर और गले में गंभीर चोटें आई हैं। परिवार ने इस बात पर भी कड़ा एतराज जताया कि महिला के साथ पुरुष पुलिसकर्मियों ने मारपीट क्यों की। दबाव में बताया “बाइक से गिरे”, अब एफआईआर की मांग परिजनों ने पुलिस पर इलाज में भी अड़ंगा डालने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि जब वे घायलों को अस्पताल ले गए, तो उन्हें भर्ती करने से पहले पुलिस का पत्र लाने को कहा गया। तुरंत इलाज कराने के लिए उन्हें मजबूरन यह कहना पड़ा कि वे बाइक से गिरकर घायल हुए हैं। घायल रचना, जो एक मेडिकल स्टोर में काम करती हैं, उन्होंने बताया कि उन पर चोरी स्वीकार करने के लिए दबाव डाला गया और मारपीट करने वाले पुलिसकर्मी नशे में लग रहे थे। घायलों में निकिता, संजय और रचना शामिल हैं, जिनमें से एक को नाबालिग बताया जा रहा है। एसडीओपी बोले- मारपीट के आरोपों की होगी जांच इस पूरे मामले पर एसडीओपी दिनेश सिंह चौहान ने बताया कि रानीपुर निवासी राधेश्याम गुप्ता के घर हुई सोने-चांदी की चोरी के सिलसिले में इन महिलाओं को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। उन्होंने कहा कि पुलिस ने केवल पूछताछ की है, लेकिन परिवार द्वारा लगाए गए मारपीट के आरोपों की गहराई से जांच की जाएगी। फिलहाल, पनवाड़ी मोहल्ले के लोगों और परिजनों ने थाने में डेरा डाल दिया है। उनकी मांग है कि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए और मामले की निष्पक्ष जांच हो।
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