बिना विशेषज्ञ की सलाह खुद का इलाज पड़ा भारी: मुंह के छालों के लिए सीधे खरीदे स्टेरॉयड, अब चेहरा सूजा पेट फूला, हाथ-पैर पतले व मांसपेशियां भी कमजोर हुईं – Indore News

बिना विशेषज्ञ की सलाह खुद का इलाज पड़ा भारी:  मुंह के छालों के लिए सीधे खरीदे स्टेरॉयड, अब चेहरा सूजा पेट फूला, हाथ-पैर पतले व मांसपेशियां भी कमजोर हुईं – Indore News




मुंह के साधारण छालों और एलर्जी से राहत पाने के लिए बिना डॉक्टरी सलाह ली गई दवा 43 वर्षीय व्यक्ति के लिए गंभीर बीमारी का कारण बन गई। खजराना निवासी यह मरीज लंबे समय से अपनी मर्जी से समय-समय पर ‘ओरल स्टेरॉयड’ ले रहा था। इसका असर यह हुआ कि पिछले करीब 15 महीनों में उसका चेहरा सूज कर गोल हो गया, पेट पर गहरे बैंगनी निशान बन गए, हाथ-पैर पतले लेकिन पेट असामान्य रूप से बढ़ गया। उसकी मांसपेशियां इतनी कमजोर हो गई कि चलना भी मुश्किल हो गया। इसी दौरान उसे हाई ब्लडप्रेशर और डायबिटीज भी हो गई। मरीज पिछले छह महीने से अलग-अलग अस्पतालों में जांच कराता रहा। हर बार नई आशंका सामने आती, लेकिन ठोस कारण नहीं मिल पा रहा था। बॉम्बे हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. अश्विन परचानी ने जब केस को विस्तार से देखा तो उन्हें लक्षण ‘कुशिंग सिंड्रोम’ जैसे दिखे। पर यह मामला थोड़ा अलग था। सामान्यतः कुशिंग सिंड्रोम में शरीर में ‘कॉर्टिसोल’ हार्मोन का स्तर बढ़ा होता है, लेकिन इस मरीज में यह स्तर बेहद कम पाया गया। सीटी स्कैन में सामने आया कि कॉर्टिसोल बनाने वाली दोनों एड्रिनल ग्रंथियां सिकुड़ चुकी थीं। इससे साफ हुआ कि शरीर ने अपना प्राकृतिक हार्मोन बनाना लगभग बंद कर दिया है। मरीज ने शुरू में ‘ओरल स्टेरॉयड’ लेने की जानकारी नहीं दी। लेकिन बाद में जब डॉक्टरों ने उससे दवाओं का इतिहास पूछा, तब वजह सामने आई। लंबे समय तक स्टेरॉयड लेना पड़ा भारी
विशेषज्ञों के अनुसार यह ‘आयाट्रोजेनिक कुशिंग सिंड्रोम’ का मामला है—अर्थात बाहर से ली गई स्टेरॉयड दवाओं के कारण उत्पन्न बीमारी। लंबे समय तक स्टेरॉयड लेने से शरीर की हार्मोन बनाने वाली प्रणाली दब जाती है और प्राकृतिक कॉर्टिसोल हार्मोन का उत्पादन कम या बंद हो जाता है। यह हार्मोन बीपी, हृदय गति, तनाव आदि को नियंत्रित करता है। एमआरआई में गांठ भी दिखी
जांच के दौरान एमआरआई में पिट्यूटरी माइक्रोएडेनोमा नाम की छोटी गांठ भी दिखाई दी। जैव-रासायनिक परीक्षणों में उससे संबंधित कोई प्रमाण नहीं मिले। विशेषज्ञों ने इसे संयोग से मिली गांठ माना, जो सामान्य आबादी के लगभग 10 प्रतिशत लोगों में पाई जा सकती है और अक्सर उपचार की जरूरत नहीं होती। इन दवाओं में होता है स्टेरॉयड
त्वचा रोग की क्रीम: खुजली, चकत्ते या दाद जैसी समस्याओं में बिना विशेषज्ञ की सलाह लोग ले लेते हैं।
जोड़ों व पीठ का दर्द: जोड़ों और पीठ के दर्द में बिना सलाह दर्द निवारक दवा के सेवन से हड्डियां कमजोर हो सकती हैं।
मौसमी एलर्जी और जुकाम: हल्की सर्दी या एलर्जी से बुखार की गलत दवा प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित कर सकती है।
वजन या कमजोरी: वजन बढ़ाने या मांसपेशियों को जल्दी विकसित करने के लालच में स्टेरॉयड का सेवन घातक होता है। स्टेरॉयड पेनकिलर नहीं, हार्मोनल दवाएं विशेषज्ञों के अनुसार, स्टेरॉयड हार्मोनल दवाएं हैं, साधारण पेनकिलर नहीं। कुछ दवाएं एलर्जी, अस्थमा या सूजन में दी जाती हैं, लेकिन इनका उपयोग केवल चिकित्सकीय निगरानी में होना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति लंबे समय से स्टेरॉयड ले रहा है, तो उसे अचानक बंद करना भी दिक्कत दे सकता है।



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