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Wheat Crop Care Tips: मध्यप्रदेश के सागर और बुंदेलखंड क्षेत्र में गेहूं की फसल पर तना छेदक यानी गुलाबी सुंडी का खतरा बढ़ गया है. यह कीट 30 दिन के भीतर फसल को भारी नुकसान पहुंचा सकता है और तने के अंदर रहकर दाना भराव को प्रभावित करता है. कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को नियमित मॉनिटरिंग और फेरोमोन ट्रैप लगाने की सलाह दी है. अधिक प्रकोप होने पर क्लोरोपायरीफॉस, क्विनालफॉस और फिप्रोनिल जैसी दवाओं के छिड़काव की सिफारिश की गई है. समय रहते उपाय अपनाकर किसान अपनी गेहूं, ज्वार और बाजरा की फसल को सुरक्षित रख सकते हैं.
Gehu Care Tips: फरवरी का महीना आते ही खेतों में गेहूं की बालियां निकलने लगी हैं. किसान भाई फसल को लेकर खुश भी हैं और सतर्क भी. कहीं स्प्रिंकलर से सिंचाई हो रही है, तो कहीं टॉनिक के रूप में खाद डाली जा रही है ताकि दाना अच्छा भर सके. लेकिन इसी बीच एक खतरे की खबर भी सामने आ रही है गेहूं में तना छेदक यानी गुलाबी सुंडी का हमला.
कैसे पहचानें तना छेदक का हमला?
तना छेदक को गुलाबी सुंडी भी कहते हैं. यह पहले पत्तियों को खाता है और फिर सीधे तने के अंदर घुस जाता है. अंदर का रस चूस लेता है, जिससे ऊपर का हिस्सा सूख जाता है. अगर आप ऐसे सूखे पौधे को पकड़ेंगे तो वह आसानी से हाथ में निकल आएगा और तना अंदर से सड़ा हुआ दिखेगा. पेस्ट मैनेजमेंट इंटीग्रेटेड कार्यालय के सहायक निदेशक डॉ. सुनीत कटियार बताते हैं कि इसकी पहचान आसान है जो पौधा अचानक सूखा दिखे, वही शक के दायरे में है.
30 दिन तक सबसे ज्यादा नुकसान
इस कीट का जीवनकाल 40 से 60 दिन का होता है. यह साल में 5 से 6 बार अपनी लाइफ साइकिल पूरी करता है.
अंडा – 7 दिन
लार्वा – 20 से 30 दिन (सबसे खतरनाक)
प्यूपा और एडल्ट
लार्वा तने के अंदर रहकर ही सबसे ज्यादा नुकसान करता है. अंडे भी तने में ही देता है, जिससे फसल तेजी से खराब होती है.
सागर और बुंदेलखंड के अलावा अशोकनगर, छतरपुर, टीकमगढ़ और मुरैना में भी इसकी शिकायतें आई हैं.
बचाव के देसी और रासायनिक तरीके
सबसे पहले खेत की नियमित निगरानी जरूरी है. फेरोमोन ट्रैप लगाना एक अच्छा तरीका है. एक ट्रैप की कीमत 50 से 80 रुपये तक होती है. एक एकड़ में 10-12 ट्रैप लगाए जा सकते हैं.
अगर प्रकोप ज्यादा हो तो:
क्लोरोपायरीफॉस 20 CC (ढाई लीटर/हेक्टेयर)
क्विनालफॉस 25% EC (800 मिली/एकड़)
फिप्रोनिल 0.3% G (17 किलो प्रति हेक्टेयर)
समय रहते दवा का छिड़काव जरूरी है, वरना 30 दिन में फसल बर्बाद हो सकती है.
सिर्फ गेहूं ही नहीं, इन फसलों को भी खतरा
यह कीट गेहूं के अलावा ज्वार, बाजरा और रागी को भी नुकसान पहुंचाता है. इसलिए किसान भाइयों को अलर्ट रहना जरूरी है.
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Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें