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भोपाल में वैलेंटाइन डे 2026 पर युवाओं ने कुछ संगठनों के विरोध का जवाब दिया. गोकुल चौधरी ने कहा कि राम से मर्यादा सीखी है लेकिन अन्य मुद्दों पर संगठन चुप हैं. जान्ह्वी बरार बोलीं कि एडल्ट कपल्स को गुंडागर्दी से बचना होगा. अनिका गोयल ने कहा कि ऐसे संगठनों पर पुलिस-कोर्ट की कार्रवाई होनी चाहिए.युवा बोले कि शालीनता से मनाने में दिक्कत क्या है? पुलिस से सख्ती से पेश आए.
भोपाल में वेलेंटाइन डे पर युवाओं ने जबरन दखल देने वाले संगठनों पर नाराजगी दिखाई है.
भोपाल. राजधानी की सड़कों पर 14 फरवरी 2026 को वैलेंटाइन डे के मौके पर एक अनोखा नजारा देखने को मिला. जहां कुछ दक्षिणपंथी संगठन पारंपरिक संस्कृति के नाम पर प्रेमी जोड़ों को डराने-धमकाने या विरोध जताने की तैयारी में थे, वहीं युवा पीढ़ी ने खुले मन से इस दिन को मनाया और उन संगठनों की ‘मॉरल पुलिसिंग’ का सीधा विरोध किया. न्यू मार्केट, बोट क्लब, अपर लेक और एकांत पार्क जैसे लोकप्रिय स्पॉट्स पर युवा जोड़े और छात्र-छात्राएं खुशी से समय बिता रहे थे. उन्होंने कहा कि प्यार व्यक्तिगत स्वतंत्रता है और संविधान किसी को हिंसा या धमकी देने का अधिकार नहीं देता. युवाओं ने सवाल उठाया कि रोजगार, महंगाई, महिलाओं की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण जैसे गंभीर मुद्दों पर चुप रहने वाले ये संगठन केवल वैलेंटाइन डे पर क्यों सक्रिय हो जाते हैं. यह विरोध न केवल व्यक्तिगत आजादी की रक्षा का प्रतीक था, बल्कि युवा समाज की बढ़ती जागरूकता और संवैधानिक मूल्यों पर विश्वास को दर्शाता है. News18 से बातचीत में कई युवाओं ने अपनी राय रखी, जो समाज में बदलाव की मांग करती है.
News18 से युवाओं ने कहा कि भोपाल में वैलेंटाइन डे के विरोध और समर्थन के बीच बढ़ते टकराव को समझना होगा. युवा पीढ़ी ने स्पष्ट किया कि वे मर्यादा और संस्कृति का सम्मान करते हैं, लेकिन जब बात व्यक्तिगत पसंद की आती है तो कोई बाहरी हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं करेंगे. गोकुल चौधरी जैसे युवा ने राम मर्यादा का उदाहरण देते हुए कहा कि वे जानते हैं कैसे व्यवहार करना है, लेकिन संगठनों की गुंडागर्दी अस्वीकार्य है. जान्ह्वी बरार, अनिका गोयल, अमन, आराध्या और अन्य ने जोर दिया कि शालीनता से मनाए जा रहे उत्सव में दखल देना गलत है. यदि कोई अश्लीलता करता है तो पुलिस कार्रवाई करे, न कि निजी संगठन कानून हाथ में लें. युवाओं ने पुलिस से मांग की कि ऐसे मामलों में सख्त एक्शन हो. यह दिन न केवल प्रेम का प्रतीक बना, बल्कि युवा आवाज की ताकत और लोकतंत्र की जीत का भी.
युवाओं का खुला विरोध: संगठनों पर सवाल
न्यू मार्केट में खरीदारी करते गोकुल चौधरी ने कहा कि भगवान राम से मर्यादा सीखी है, लेकिन ये संगठन रोजगार, महंगाई, महिलाओं की सुरक्षा, बच्चियों के गायब होने जैसे मुद्दों पर चुप क्यों रहते हैं. पर्यावरण के लिए पेड़ कट रहे हैं, लेकिन ये पौधारोपण नहीं करते. जान्ह्वी बरार ने कहा कि एडल्ट कपल्स अपनी मर्जी से समय बिता सकते हैं, गुंडागर्दी से बचना होगा. युवा आज के दिन को सेलिब्रेट कर रहे हैं तो गलत क्या है.
प्रेमी जोड़ों की आवाज: स्वतंत्रता और सुरक्षा
बोट क्लब अपर लेक पर अनिका गोयल ने बताया कि उनका पहला वैलेंटाइन डे है, परिवार को पता है और इसी साल शादी होगी. संविधान मारपीट या धमकी का हक नहीं देता. यदि कोई संगठन ऐसा करेगा तो पुलिस शिकायत और कोर्ट केस करेंगे. एकांत पार्क में अमन ने केक के साथ कहा कि शालीनता से पार्क में समय बिताने में दिक्कत क्या है. आराध्या, लक्ष्मी सुराना, वैभवी गुप्ता और रितुल पाठक ने कहा कि चंद लोग संस्कृति बचाने के नाम पर हिंसा करते हैं. ऐशा जैन ने जोर दिया कि नियम उल्लंघन पर पुलिस एक्शन ले, संगठन कानून अपने हाथों में ना लें. युवाओं ने पुलिस से ऐसे संगठनों पर सख्ती की मांग की. यह विरोध युवा जागरूकता का प्रतीक है, जहां व्यक्तिगत आजादी और संवैधानिक अधिकारों को प्राथमिकता दी गई. भोपाल में यह घटना वैलेंटाइन डे को केवल प्रेम का नहीं, बल्कि स्वतंत्रता के संघर्ष का दिन बना देती है.
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सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें