रीवा में यूजीसी के समर्थन में उग्र प्रदर्शन: कलेक्ट्रेट के बाहर घंटों जाम लगाया; 100 से अधिक उपद्रवी चिन्हित, हो सकती है FIR – Rewa News

रीवा में यूजीसी के समर्थन में उग्र प्रदर्शन:  कलेक्ट्रेट के बाहर घंटों जाम लगाया; 100 से अधिक उपद्रवी चिन्हित, हो सकती है FIR – Rewa News




रीवा में एससी, एसटी और ओबीसी संगठनों द्वारा यूजीसी के समर्थन में किया जा रहा धरना-प्रदर्शन सोमवार को उग्र हो गया। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जमकर नारेबाजी की और सड़क पर बैठकर आवागमन बाधित कर दिया। उस समय कलेक्टर कमिश्नर कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक में व्यस्त बताई गईं। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कलेक्टर को मौके पर बुलाने की मांग की। बताया जा रहा है कि अपर कलेक्टर और एसडीएम ज्ञापन लेने के लिए काफी देर तक इंतजार करते रहे, लेकिन प्रदर्शनकारी कलेक्टर से सीधे चर्चा की मांग पर अड़े रहे। अधिकारियों द्वारा समझाइश देने के बावजूद सहमति नहीं बन सकी। एसडीएम अनुराग तिवारी ने देर रात थाने पहुंचकर जानकारी दी कि करीब पांच घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने बताया कि ज्ञापन लेने के लिए सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे, इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों द्वारा उपद्रव किया गया, जिससे आमजन को असुविधा हुई।

करीब तीन घंटे तक सड़क जाम
प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारी मुख्य सड़क पर बैठ गए, जिससे लगभग तीन घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। सड़क जाम के कारण यात्रियों, स्कूली बच्चों और दफ्तर जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई वाहन लंबी कतारों में फंसे रहे। 400 से अधिक लोग शामिल, पहचान की कार्रवाई
प्रशासन के अनुसार प्रदर्शन में लगभग 400 लोग शामिल थे। इनमें से 100 से अधिक प्रमुख व्यक्तियों की पहचान की जा रही है, जिन पर कानून-व्यवस्था प्रभावित करने में भूमिका निभाने का आरोप है। संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस संबंध में सिविल लाइन थाने में वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक कर आगे की रणनीति पर चर्चा की। एफआईआर हो सकती है। अफरा-तफरी का माहौल, पुलिस तैनात
कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया और यातायात को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट करने का प्रयास किया गया। सूत्रों के मुताबिक, पूरे घटनाक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए समीक्षा शुरू कर दी है।



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