शिवपुरी जिले के करेरा में वरिष्ठ अधिवक्ता संजय सक्सेना की 14 फरवरी 2026 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के विरोध में राजगढ़ जिले के वकीलों ने सोमवार को न्यायालयीन कार्य से विरक्त रहकर काम बंद रखा। उन्होंने कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पीड़ित परिवार के लिए एक करोड़ रुपए की आर्थिक मदद और परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की गई। वकीलों ने एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को तत्काल लागू करने की भी अपील की, ताकि अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। पीएम के नाम सौंपा गया ज्ञापन
अधिवक्ताओं ने अपने ज्ञापन में कहा कि करेरा में हुई इस नृशंस हत्या से समस्त अधिवक्ता परिवार में गहरा दुख और आक्रोश है। उन्होंने जोर दिया कि अधिवक्ता न्याय के प्रहरी के रूप में सेवा करते हैं, लेकिन ऐसे हमलों से न केवल उनका मनोबल प्रभावित होता है, बल्कि न्याय की संवेदनशील प्रक्रिया भी बाधित होती है। ज्ञापन में यह भी मांग की कि अधिवक्ता के साथ कदाचार को अजमानतीय अपराध के रूप में अधिनियमित किया जाए। यह ज्ञापन प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कलेक्टर को सौंपा गया। पक्षकार दिन भर होते रहे परेशान
कार्य से विरक्त रहने के कारण सोमवार को न्यायालयों में पहुंचे पक्षकारों को स्वयं अपनी फाइलों पर हस्ताक्षर करके अगली तारीखें लेनी पड़ीं। कई आरोपित जेल में ही रहे, कुछ को कोर्ट में पेश नहीं किया जा सका, और जिनकी जमानत की तारीख थी, उन्हें भी जेल में ही रुकना पड़ा। राजगढ़, ब्यावरा सहित पूरे जिले के वकीलों ने इस विरोध प्रदर्शन में भाग लिया और ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों को उठाया। इस एक दिवसीय हड़ताल से अदालतों में सामान्य कार्य प्रभावित हुआ, जिससे अधिवक्ताओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
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