पूर्व सरपंच-सचिवों को चुनाव लड़ने से अयोग्य किया: दतिया की पंचायतों में गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई; निकाली गई राशि की वसूली के आदेश – datia News

पूर्व सरपंच-सचिवों को चुनाव लड़ने से अयोग्य किया:  दतिया की पंचायतों में गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई; निकाली गई राशि की वसूली के आदेश – datia News




दतिया की कई ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्यों के नाम पर राशि निकालकर काम नहीं कराने के मामलों में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। जांच में दोषी पाए गए पूर्व सरपंचों और सचिवों को न सिर्फ पंचायत चुनाव लड़ने से बाहर किया गया है, बल्कि उनसे निकाली गई राशि की वसूली के आदेश भी दिए गए हैं। यह कार्रवाई अलग-अलग पंचायतों में वर्षों से लंबित मामलों को लेकर की गई है। दतिया जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत भागोर में ई-कक्ष निर्माण के लिए 12 हजार रुपए निकाले गए, लेकिन काम नहीं कराया गया। राशि जमा न होने पर तत्कालीन सरपंच रजनी अहिरवार को दोषी मानते हुए छह साल के लिए पंचायत सदस्य बनने से अयोग्य कर दिया गया है।तय समय में राशि जमा नहीं करने पर सख्त वसूली की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसी तरह ग्राम पंचायत भिटोरा में किचन शेड निर्माण के लिए 60 हजार रुपए निकाले गए, लेकिन आज तक काम नहीं हुआ। इस मामले में तत्कालीन सरपंच विक्रम दांगी को छह साल के लिए अयोग्य घोषित किया गया है। साथ ही उस समय के सचिव वीरेन्द्र दांगी की एक वेतन वृद्धि रोकी गई है। सचिव की वेतनवृद्धि भी रोकी
ग्राम पंचायत सुजैड़ में आंगनवाड़ी भवन निर्माण के नाम पर 50 हजार रुपए की राशि जमा नहीं की गई। जांच के बाद तत्कालीन सरपंच अरविन्द यादव को छह साल के लिए पंचायत से बाहर कर दिया गया है। इस प्रकरण में जिम्मेदार सचिव धर्मेन्द्र यादव और राधेश्याम यादव की भी वेतन वृद्धि पर रोक लगाई गई है। बरगांय पंचायत में तीन निर्माण कार्यों के लिए 3 लाख 34 हजार 560 रुपए निकाले गए थे। बाद में राशि जमा तो कराई गई, लेकिन दोष सिद्ध होने पर पूर्व सरपंच लली को छह साल के लिए अयोग्य करार दिया गया। तत्कालीन सचिव नरेन्द्र शर्मा की भी एक वेतन वृद्धि रोकी गई है। दिसवार पंचायत में पेवर ब्लॉक निर्माण के लिए 13 हजार 500 रुपए निकाले गए,लेकिन काम नहीं हुआ और राशि भी जमा नहीं की गई। यहां भी संबंधित को छह साल के लिए पंचायत से बाहर कर दिया गया है। बुहारा पंचायत में निर्माण कार्यों के लिए 71 हजार 365 रुपए निकाले गए। इस मामले में तत्कालीन सचिव कुसुमा कुशवाहा को छह साल के लिए अयोग्य घोषित किया गया है,जबकि जिम्मेदार सचिव ईश्वरनाथ दांगी और कौशलकिशोर दांगी की वेतन वृद्धि रोकी गई है।



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