इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से 30 से ज्यादा मौतों के बाद भोपाल समेत पूरे प्रदेश में हर मंगलवार को जल सुनवाई हो रही हैं। मंगलवार को भी नगर निगम ने सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक सभी 85 वार्डों में जल सुनवाई की। इस दौरान पानी के कुल 177 सैंपल लिए गए। जिन्हें जांच के लिए 8 लैब में भेजा गया। हालांकि, इनकी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई और न ही पिछले सैंपल की रिपोर्ट निगम ने सार्वजनिक की है। निगम के अनुसार, 13 जनवरी से अब तक हुई जल सुनवाई में झुग्गी बस्ती क्षेत्रों के 4409 स्थान सहित शहर में कुल 9914 जल के नमूने लेकर 8 परीक्षण शालाओं के माध्यम से जल की गुणवत्ता की जांच कराई। साथ ही 1864 लीकेज सुधारे। निगम अमले ने वर्तमान तक 5749 सीवेज चैंबरों की सफाई कराई। जांच में ये देखा जा रहा
पानी के नमूने लेकर गंध, रंग, स्वाद, रेसिडुअल क्लोरीन, पीएच, टरबीडिटी व बैक्टेरिया की जांच की जा रही है। बता दें कि कुछ दिन पहले नाली के पानी को ही निगम कर्मचारियों ने पीने योग्य बता दिया था। इसके बाद वार्ड ऑफिस में जांच न करते हुए पानी के सैंपल को लैब में भेजा जा रहा है। पिछली 2 जल सुनवाई में यही हो रहा है।
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