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Kadaknath chicken or hen which is the best: इस पूरे मामले को लेकर Local 18 ने हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. अनिल पटेल से बात की और आसान भाषा में समझने की कोशिश की. डॉ. पटेल बताते हैं कि कड़कनाथ का मांस सामान्य ब्रॉयलर चिकन की तुलना में ज्यादा प्रोटीन और कम फैट वाला होता है। इसमें आयरन की मात्रा भी अच्छी पाई जाती है जो खून की कमी यानी एनीमिया से जूझ रहे लोगों के लिए फायदेमंद हो सकती है. यही वजह है कि कमजोरी, थकान और रिकवरी डाइट में कई लोग इसे शामिल करते है.
मध्य प्रदेश की पहचान बन चुकी कड़कनाथ काली मुर्गी को लेकर लोगों में कई तरह की धारणाएं है. कोई इसे ताकत का खजाना बताता है तो कोई इसे औषधीय गुणों से भरपूर मानता है. बाजार में इसका मांस और अंडा दोनों ही ऊंचे दामों पर बिकते है. ऐसे में लोगों के मन में एक बड़ा सवाल रहता है कि कड़कनाथ मुर्गा ज्यादा फायदेमंद है या मुर्गी? किसे खाने से ज्यादा प्रोटीन और विटामिन मिलते है और कौन ज्यादा ताकतवर है.
इस पूरे मामले को लेकर Local 18 ने हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. अनिल पटेल से बात की और आसान भाषा में समझने की कोशिश की. डॉ. पटेल बताते हैं कि कड़कनाथ का मांस सामान्य ब्रॉयलर चिकन की तुलना में ज्यादा प्रोटीन और कम फैट वाला होता है। इसमें आयरन की मात्रा भी अच्छी पाई जाती है जो खून की कमी यानी एनीमिया से जूझ रहे लोगों के लिए फायदेमंद हो सकती है. यही वजह है कि कमजोरी, थकान और रिकवरी डाइट में कई लोग इसे शामिल करते है. हालांकि वे साफ कहते है कि इसे किसी बीमारी की दवा समझना गलत है. यह पौष्टिक आहार है, इलाज नहीं.
अब बात करते हैं मुर्गे की. आमतौर पर कड़कनाथ मुर्गे का वजन मुर्गी से ज्यादा होता है और उसमें मांस की मात्रा भी अधिक मिलती है. जो लोग जिम करते हैं या ज्यादा प्रोटीन लेना चाहते है, उनके लिए मुर्गे का मांस बेहतर विकल्प माना जाता है. हाई प्रोटीन डाइट फॉलो करने वाले युवाओं में इसकी खास डिमांड रहती है.
वहीं दूसरी ओर मुर्गी की अपनी अलग खासियत है. कड़कनाथ मुर्गी साल में करीब 70 से 80 अंडे देती है. इसके अंडे भी पोषण से भरपूर माने जाते है. अंडा हल्का और आसानी से पचने वाला होता है. इसलिए बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों के लिए यह ज्यादा उपयुक्त विकल्प है. अगर कोई व्यक्ति नियमित रूप से पोषण लेना चाहता है तो मुर्गी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकती है, क्योंकि उससे बार-बार अंडों के जरिए पोषण मिलता रहता है.
डॉ. अनिल पटेल के मुताबिक अगर सिर्फ मांस और ज्यादा प्रोटीन की बात करें तो मुर्गा थोड़ा आगे माना जा सकता है. लेकिन अगर अंडों के रूप में लगातार पोषण और पालन से डबल फायदा देखना हो तो मुर्गी बेहतर विकल्प है. कुल मिलाकर सेहत के लिहाज से दोनों ही फायदेमंद है. फर्क सिर्फ आपकी जरूरत, खानपान और उद्देश्य पर निर्भर करता है. विशेषज्ञों की सलाह है कि कड़कनाथ को चमत्कारी इलाज की तरह न देखें, बल्कि संतुलित आहार का हिस्सा बनाकर ही सेवन करें.